Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

कम नहीं हो रही प्याज की कीमतें, 165 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

सरकार ने जारी मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए 1.2 लाख टन तक प्याज आयात को मंजूरी दी है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
कम नहीं हो रही प्याज की कीमतें, 165 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

प्याज के भाव 165 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं.

खास बातें

  1. सरकार ने माना कि प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं.
  2. सरकारी ने व्यापार एजेंसी एमएमटीसी को प्याज आयात करने को कहा है.
  3. सरकार ने 21,000 टन से अधिक प्याज आयात के लिए अनुबंध किया है.
नई दिल्ली:

प्याज की कीमत कम होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है. आयात के जरिये बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के सरकार के प्रयासों के बावजूद यह शुक्रवार को गोवा और कुछ जगहों पर 160-165 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. संसद (Parliament) में सरकार ने बताया कि आयातित प्याज की खेप 20 जनवरी तक देश में आने लगेगी.

यह भी पढ़ें- प्याज की कीमतें आसमान पर, गोवा में 165 रुपये प्रति किलो तक पहुंची

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (Ministry Of Consumer Affairs) द्वारा रखे जाने वाले आंकड़ों के अनुसार देश के ज्यादातर शहरों में, प्याज की खुदरा कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक थी, जबकि प्याज के प्रमुख उत्पादक केन्द्र, महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार को इसकी दर 75 रुपये किलो थी. पणजी (गोवा) में खुदरा प्याज की कीमतें 165 रुपये प्रति किलोग्राम, मायाबंदर (अंडमान) में 160 रुपये किलो तथा केरल के तिरुवनंतपुरम, कोझीकोड, त्रिसुर और वायनाड में शुक्रवार को यह कीमत 150 रुपये किलो थी. मंत्रालय द्वारा विभिन्न शहरों के बारे में जुटाई गई सूचना के अनुसार कोलकाता, चेन्नई तथा केरल और तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर प्याज का भाव 140 रुपये किलो था जबकि भुवनेश्वर और कटक (ओडिशा) में कीमत 130 रुपये किलो, गुड़गांव (हरियाणा) और मेरठ (उत्तर प्रदेश) में कीमत 120 रुपये किलो तथा देश के अधिकांश शहरों में कीमत 100 रुपये किलो रही.

यह भी पढ़ें- निर्मला सीतारमण के प्याज वाले बयान पर राहुल गांधी का तंज, 'किसी ने उनसे यह नहीं पूछा था कि वह क्या खाती हैं बल्कि...'


उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री दानवे रावसाहेब दादाराव (Raosaheb Dadarao Danve) ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा, ‘‘इस बात में कोई शक नहीं कि प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं. प्याज की कमी का मुख्य कारण बारिश की वजह से प्याज की फसल को होने वाला नुकसान है. देश के प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में प्याज की अधिकांश फसल बर्बाद हो गयी है. हालांकि सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति की है और सरकारी व्यापार एजेंसी एमएमटीसी को प्याज का आयात करने को कहा है, जो 20 जनवरी तक पहुंचना चाहिये.''

टिप्पणियां

यह भी पढ़ें- VIDEO: निर्मला सीतारमण के बाद अब केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का आया बयान, कहा- 'मैंने कभी प्याज नहीं चखा क्योंकि...'

उन्होंने कहा कि सरकार ने जारी मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए 1.2 लाख टन तक प्याज आयात को मंजूरी दी है. सरकारी स्वामित्व वाली एमएमटीसी को वैश्विक और देश-विशिष्ट वाले आयात निविदाओं के माध्यम से एक लाख टन प्याज आयात करने का निर्देश दिया गया है. बृहस्पतिवार को, गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की अगुवाई में मंत्रियों के एक समूह ने प्याज की कीमत की स्थिति और प्याज के आयात में हुई प्रगति की समीक्षा की. सरकार ने एमएमटीसी के माध्यम से 21,000 टन से अधिक प्याज आयात के लिए अनुबंध किया है. आयातित प्याज के जल्द आगमन को आसान बनाने के लिए इसकी निविदा और धुम्र-उपचार मानदंडों में ढील दी गई है. सरकार ने पहले ही प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. आखिरी बार वर्ष 2015-16 में इसी तरह की स्थितियों में 1,987 टन प्याज आयात किया गया था.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें. India News की ज्यादा जानकारी के लिए Hindi News App डाउनलोड करें और हमें Google समाचार पर फॉलो करें


 Share
(यह भी पढ़ें)... सिर पर मटका लेकर डांस कर रही थीं महिलाएं, ऐसा था डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी का रिएक्शन... देखें Video

Advertisement