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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन बहाल, केंद्र सरकार ने दिये निर्देश

केंद्र सरकार ने अब घाटी में आतंकियों के खिलाफ दोबारा ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा की है.

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन बहाल, केंद्र सरकार ने दिये निर्देश

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षाबलों को दोबारा ऑपरेशन शुरू करने का निर्देश दिया है.

खास बातें

  1. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से निपटने के लिए सरकार की बड़ी घोषणा
  2. आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करने के लिए दिये गए निर्देश
  3. केंद्र सरकार ने रमजान के दौरान संघर्ष विराम की घोषणा की थी
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में रमजान के दौरान एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद एक के बाद एक आतंकी हमले, पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब घाटी में आतंकियों के खिलाफ दोबारा ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा की है. सरकार ने सुरक्षाबलों को निर्देश दे दिया है कि वे घाटी में आतंकी घटनाओं और हिंसक वारदातों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 17 मई को निर्णय लिया गया था कि रमजान के पवित्र महीने में सुरक्षाबल ऑपरेशन नहीं चलाएंगे. यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय लोगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था, ताकि उन्हें रमजान के दौरान कोई दिक्कत न हो. तमाम उकसाने वाली घटनाओं के बावजूद इस निर्णय को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार सुरक्षाबलों की सराहना करती है. 
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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार के एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा का जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में स्वागत हुआ और इसकी वजह से आम जनता को काफी राहत मिली. उम्मीद थी कि सभी इस पहल की सफलता के लिए पूरा सहयोग करेंगे. एकतरफा संघर्ष विराम के दौरान जहां सुरक्षा बलों ने संयम का परिचय दिया तो दूसरी तरफ आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले जारी रखे. जिसकी वजह से सैनिकों व आम नागरिकों की मौत हुई और घायल भी हुए. उन्होंने कहा कि, 'सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंक और हिंसा से मुक्त पर्यावरण के निर्माण के लिए अपना प्रयास जारी रखेगी'. राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकियों के पूर्ण खात्मे के लिए समाज के शांतिप्रिय वर्ग के सभी लोगों को साथ आना चाहिये. साथ ही ऐसे लोगों को प्रेरित भी करना चाहिये जिन्हें शांति के रास्ते पर आने से भटकाया गया है. गौरतलब है कि सरकार ने रमजान महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर में एकतरफा संघर्ष विराम का ऐलान किया था. सरकार की ओर से कहा गया था कि रमजान के महीने में अपनी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होगी. लेकिन अगर कोई हमला होता है तो सुरक्षा बल अपनी या बेगुनाह नागरिकों की जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं. सेना के सूत्रों का कहना था कि अब कासों यानी कि कार्डन एंड सर्च ऑपरेशन और साडो यानी कि सर्च एंड डिस्ट्राय ऑपरेशन पहले के मुकाबले कम होंगे. हालांकि सरकार की इस घोषणा के बावजूद घाटी में आतंकी घटनाओं में कमी की जगह इजाफा हुआ और कई जवान शहीद हुए. आम नागरिकों की भी मौत हुई. 
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