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ऑर्गनाइज्ड ग्रुप-ए सर्विस: केंद्र को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया 10 दिनों का समय

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को एन एएफएफ़यू और ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस का लाभ देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार को 10 दिनों का समय दिया है.

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ऑर्गनाइज्ड ग्रुप-ए सर्विस: केंद्र को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया 10 दिनों का समय

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के हजारों अधिकारियों को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे

नई दिल्ली:

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को एन एएफएफ़यू और ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस का लाभ देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार को 10 दिनों का समय दिया है. सीआरपीएफ और आईटीबीपी के अधिकारियों द्वारा दायर किए गए कोर्ट की दो अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नजमी वजीरी ने आज यह आदेश जारी किया कि केंद्र 28 मार्च को या उसके पहले दिल्ली उच्च न्यायालय को यह बताए कि उसने इन बलों के अधिकारियों के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को लागू कर दिया है.याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अंकुर छिब्बर ने यह बताया कि कोर्ट ने डीओपीटी और गृह मंत्रालय को आदेश देते हुए कोर्ट के आदेशों को मानकर इसकी तामील रिपोर्ट 28 मार्च 2019 या उसके पहले दाखिल करने का आदेश दिया है. 

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गौरतलब है कि  2015 में दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों की याचिकाओं पर फैसला देते हुए कहा था कि इन बलों के अधिकारियों को भी नॉन फाइनेंशियल फंग्शनल अपग्रेडेशन मिलना चाहिए और इन्हें ग्रुप ए ऑर्गेनाइज्ड सर्विस माना जाना चाहिए. इस फैसले को चुनौती देते हुए केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में एसएलपी फाइल की थी जिसे 5 फरवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था. आज के इस फैसले के बाद केंद्र सरकार के पास अब इस आदेश को लागू करने के लिए मात्र 10 दिनों का समय रह गया है. इस फैसले के लागू होने से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के हजारों अधिकारियों को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे जो इन बलों में प्रमोशन ना हो पाने की वजह से नहीं मिल पा रहे थे जिससे उनमें बहुत असंतोष था. 

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इस फैसले के लागू हो जाने के बाद अब केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के उन अधिकारियों का जिनका रिक्तियों की कमी के कारण प्रमोशन नहीं हो पा रहा था उन्हें सीनियर ग्रेड का वेतनमान समयबद्ध तरीके से मिलेगा. उसी अनुसार इन लोगों को बेहतर आवास, भत्ते, ड्यूटी के लिए सफर के लिए बेहतर प्रतिपूर्ति मिल सकेगी. इससे उनका मनोबल बढ़ेगा,
साथ ही ये अधिकारी अन्य केंद्रीय सेवाओं आदि में प्रतिनियुक्ति पर ज्यादा अवसर पा सकेंगे. जिनसे इनकी सेवाओं का कई स्तरों पर सदुपयोग किया जा सकेगा.साथ ही सभी बलों में युद्धक कैडर के अधिकारियों को बेहतर सम्मान के साथ सेवा करने हेतु प्रेरणा मिलेगी जो अब तक तथाकथित तौर पर अन आर्गनाइज्ड होने के कारण नहीं थी. 



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