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बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, पीएनबी घोटाले को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच टकराव के आसार

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों से उत्साहित भाजपा तथा बैंकिंग घोटालों सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए कमर कसे विपक्ष के बीच संसद के बजट सत्र आज से शुरू होने जा रहे दूसरे चरण में टकराव के आसार बन रहे हैं.

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बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, पीएनबी घोटाले को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच टकराव के आसार

फाइल फोटो

खास बातें

  1. बजट सत्र के दूसरे चरण में टकराव के आसार बन रहे हैं
  2. संसद के दोनों सत्रों की बैठक सोमवार से करीब एक महीने बाद होगी
  3. सरकार के एजेंडेे में भगोड़े आर्थिक अपराधी विधेयक व तीन तलाक विधेयक
नई दिल्ली: पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों से उत्साहित भाजपा तथा बैंकिंग घोटालों सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए कमर कसे विपक्ष के बीच संसद के बजट सत्र आज से शुरू होने जा रहे दूसरे चरण में टकराव के आसार बन रहे हैं. संसद के दोनों सत्रों की बैठक सोमवार से करीब एक माह के अंतराल के बाद शुरू होने जा रही है. इस दौरान भगोड़े आर्थिक अपराधी विधेयक और तीन तलाक संबंधी विधेयक को पारित कराना सरकार के एजेंडे में शीर्ष स्थान पर होगा.

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हीरा व्यापारी नीरव मोदी एवं अन्य के 12700 करोड़ रुपये के घोटाले और उसके बाद देश से भाग जाने के बाद सरकार ने आर्थिक अपराधियों को निशाने पर लेने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है. इस विधेयक में फरार आर्थिक अपराधियों एवं ऋण चूककर्ताओं की संपत्तियों को कुर्क करने का प्रावधान है.

विपक्ष इस बात का प्रयास करेगा कि धोखाधड़ी के लिए सरकार को घेरा जाए और उस पर हमला तेज किया जाए. विपक्ष इस बात को विशेष तौर पर उठायेगा कि नीरव मोदी से पहले शराब व्यवसायी विजय माल्या भी सार्वजनिक बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण लेकर देश से चम्पत हो गया.

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भाजपा दावा कर चुकी है कि पीएनबी घोटाला उस समय शुरू हुआ जब संप्रग सत्ता में थी और उसकी सरकार ने तत्परता से कार्रवाई की जिसके चलते धोखाधड़ी सामने आई. इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच संसद में टकराव होने के आसार हैं.

बहरहाल, भाजपा इस बात के काफी उत्साहित है कि त्रिपुरा में उसकी शानदार जीत हुई है और नागालैंड एवं मेघालय में उसका बेहतरीन प्रदर्शन रहा जबकि कांग्रेस को बड़ी पराजय झेलनी पड़ी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि सत्तारूढ़ दल इस बार संसद में सक्रिय मुद्रा में रह सकता है और कांग्रेस नीत सरकारों के शासनकाल में हुए घोटालों को उठा सकता है.

तीन तलाक विधेयक भी , जिसमें एक बार में तीन तलाक कहने वाले पति को जेल की सजा का प्रावधान है, विवाद का एक विषय बना हुआ है. भाजपा पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह इस विधेयक को संसद की मंजूरी दिलवायेगी जबकि कांग्रेस एवं वाम सहित अन्य दल इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं.

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ओबीसी आयोग को संवैधानिक निकाय का दर्जा दिलवाने वाले विधेयक को संसद की मंजूरी दिलवाना भी सरकार की प्राथमिकता में रहेगा. सरकार आम बजट को भी इसी सत्र के दौरान मंजूरी दिलवायेगी.

 


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