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वायु सेना में लड़ाकू विमानों की कमी पर संसदीय समिति चिंतित

राफेल सौदा प्रक्रियाधीन है और हल्के लड़ाकू विमान का कार्यक्रम दशकों से एचएएल के तत्वावधान में चल रहा है और इसमें अत्यधिक लागत एवं बार-बार समय में वृद्धि का विषय शामिल है.

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वायु सेना में लड़ाकू विमानों की कमी पर संसदीय समिति चिंतित

राफेल (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने कहा है कि वायु सेना में लड़ाकू विमानों की कमी को लेकर वह लम्बे समय से चिंतित रही है और उसे उम्मीद है कि इस स्थिति को दूर किया जायेगा अन्यथा विमानों की मौजूदा संख्या में और कमी आयेगी. लोकसभा में मंगलवार को पेश रक्षा संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि वायु सेना की सेवा में शामिल करने की योजना के संबंध में समिति ने यह पाया है कि निर्धारित संख्या में एचएलएल में शेष एसयू 30 एमके आई का उत्पादन प्रक्रियाधीन है और इस कार्य को 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा.

समिति ने कहा कि वायु सेना में हल्के लड़ाकू विमान को शामिल करने का कार्य आरंभ हो गया है. वर्ष 2019 तक 36 राफेल विमानों को सेवा में शामिल करने का काम शुरू कर दिया जायेगा. हाल ही में हल्के लड़ाकू विमान एमके ए1 की खरीद के लिये पहल शुरू कर दी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बीच सरकार अन्य समुचित विकल्पों की भी जांच कर रही है. समिति को लड़ाकू विमानों की कमी के बारे में काफी लम्बे समय से चिंता रही है.

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राफेल सौदा प्रक्रियाधीन है और हल्के लड़ाकू विमान का कार्यक्रम दशकों से एचएएल के तत्वावधान में चल रहा है और इसमें अत्यधिक लागत एवं बार-बार समय में वृद्धि का विषय शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार, समिति को आशा है कि इस स्थिति को दूर कर लिया जायेगा. ऐसा करना आवश्यक है अन्यथा वर्तमान संख्या में बार-बार कमी आयेगी क्योंकि पुराने प्लेटफार्मो की उपयोगिता अवधि एक निर्धारित समयावधि के बाद समाप्त हो जायेगी. समिति ने कहा कि सेवा में शामिल करने और सेवा से हटाये जाने का कार्यक्रम अप्रत्याशित नहीं होता है बल्कि इसकी समुचित रूप से अग्रिम प्रत्याशा है और इसकी गणना की जा सकती है और इस बारे में योजना बनाई जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान में भारतीय वायु सेना के पास 31 सक्रिय स्क्वायड्रन है. बल के स्तर की स्वीकृत आवश्यकता के संबंध में समिति को यह बताया गया है कि संबंधित सूचना संवेदनशील है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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