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पठानकोट में एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमले पर भारत को अमेरिका ने दिए नए सबूत, पाक से मांगा जाएगा जवाब

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पठानकोट में एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमले पर भारत को अमेरिका ने दिए नए सबूत, पाक से मांगा जाएगा जवाब

पठानकोट में आतंकी हमले के दौरान बढ़ी सुरक्षा (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. साइबर निशानों का पता लगाने के लिए कई एजेंसियों की मदद मांगी गई थी
  2. पाकिस्तान के JIT के भारत आने से पहले ‘अलकलम’ को बंद कर दिया गया
  3. एनआईए ने जब्त किए गए हथियारों के संबंध में भी कई एजेंसियों से संपर्क साधा

पंजाब स्थित पठानकोट एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमले के मामले में अमेरिका ने भारत को नए सबूत दिए हैं. इस सबूतों के आधार पर भारत सरकार पड़ोसी देश पाकिस्तान से जवाब मांगेगी.

साइबर निशानों से सुरागों की खोज
पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों द्वारा छोड़े गए कुछ साइबर निशानों का पता लगाने के लिए एफबीआई समेत कुछ एजेंसियों की मदद मांगी गई थी। 1-2 जनवरी की दरमियानी रात में पठानकोट में वायु सेना के रणनीतिक महत्व वाले ठिकाने पर हमले के तत्काल बाद जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के भाई अब्दुल रउफ को वेबसाइट ‘अलकलम डॉट कॉम’ और ‘रंगूनूर डॉट कॉम’ पर वीडियो लेने की जिम्मेदारी पर देखा गया था। यह वेबसाइट एक अमेरिकी डोमेन सेवा प्रदाता से संचालित थी।

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जेआईटी के भारत आगमन से पहले बंद की वेबसाइट
पाकिस्तान के संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के पिछले सप्ताह भारत आगमन से पहले ‘अलकलम’ को बंद कर दिया गया था। वहीं दूसरी वेबसाइट चालू रही लेकिन वीडियो हटा लिया गया। सूत्रों ने कहा कि इस वेबसाइट का भुगतान एक यूरोपीय देश के रास्ते हुआ और एनआईए ने भुगतान करने वाले शख्स का ब्योरा मांगा है। एनआईए ने पठानकोट में आतंकवादियों के साथ 80 घंटे चली मुठभेड़ के बाद जब्त किए गए हथियारों और अन्य उपकरणों के संबंध में अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी संपर्क साधा है।


पाकिस्तान के जवाब का इंतजार
एनआईए ने पाकिस्तानी जेआईटी को बताया कि परस्पर आदान-प्रदान के आधार पर आपस में तय हुईं शर्तों के अनुरूप सहयोग किया गया था और उसे पाकिस्तान के दौरे की मंजूरी का इंतजार है। एनआईए ने भी पाकिस्तान को एक अनुरोध पत्र भेजा है जिसके लिए जवाब का अब भी इंतजार है। सूत्रों ने कहा कि एनआईए ने जेआईटी के लिखित अनुरोधों के आधार पर उसे सभी सबूत मुहैया कराए हैं।



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