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नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर महबूबा मुफ्ती की नाराजगी आई सामने, कहा- मुसलमानों के लिए...

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी सना इल्तजा जावेद नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर कैबिनेट की मुहर लगने पर नाराजगी जाहिर करती हुईं नजर आईं.

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नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर महबूबा मुफ्ती की नाराजगी आई सामने, कहा- मुसलमानों के लिए...

हिरासत में लिए जाने के बाद से महबूबा मुफ्ती के सोशल मीडिया अकाउंट उनकी बेटी इल्तिजा हैंडल करती हैं

खास बातें

  1. नागरिकता संशोधन बिल पर महबूबा मुफ्ती की नाराजगी आई सामने
  2. PDP चीफ की बेटी हैंडल करती हैं महबूबा मुफ्ती के सोशल मीडिया अकाउंट
  3. बीजेपी और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी सना इल्तजा जावेद नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर कैबिनेट की मुहर लगने पर नाराजगी जाहिर करती हुईं नजर आईं. उन्होंने कहा कि यह संकेत है कि बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार मुस्लिमों के पक्ष में नहीं है. पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती के ट्विटर अकाउंट पर एक संदेश के जरिए इस बिल पर पीडीपी का रुख भी साफ कर दिया गया. नागरिक संसोधन बिल पर कैबिनेट की मुहर लगने के कुछ घंटों पर बाद महबूबा मुफ्ती के ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया, इंडिया- नो कंट्री फ़ॉर मुस्लिम्स, बता दें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद से ही महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखा गया है. इसके बाद से ही उनकी बेटी सना इल्तिजा, महबूबा मुफ्ती के सभी सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल कर रही हैं. 

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक, यानी सिटिज़नशिप (अमेंडमेंट) बिल {Citizenship (Amendment) Bill} या CAB को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी, जिसके ज़रिये पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता दी जा सकेगी. लोकसभा के पिछले कार्यकाल के दौरान निष्प्रभावी हो चुके इस बिल को अगले सप्ताह संसद में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है. नागरिकता (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य छह समुदायों - हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध तथा पारसी - के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है. बिल के ज़रिये मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा, ताकि चुनिंदा वर्गों के गैरकानूनी प्रवासियों को छूट प्रदान की जा सके. चूंकि इस विधेयक में मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है, इसलिए विपक्ष ने बिल को भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए उसकी आलोचना की है.

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यह पहला मौका नहीं है जब महबूबा मुफ्ती या फिर उनकी बेटी ने केंद्र सरकार पर मुस्लिमों को टारगेट करने का आरोप लगाया हो. जम्मू कश्मीर से धारा 370 के हटाए जाने के बाद भी उन्होंने लिखा था कि केंद्र सरकार की मंशा बहुत साफ और भयानक है. वो भारत के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य की जनसांख्यिकी को बदलना चाहते हैं, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वह मुस्लमानों को अपने ही राज्य में दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना चाहते हैं. महबूबा मुफ्ती के अलावा दो और पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुख अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को भी हिरासत में रखा गया है. उनकी रिहाई की तारीख के बारे में अब तक ऐलान नहीं किया गया है. 



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