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रेप और यौन उत्पीड़न के मामलों में महिला के खिलाफ भी हो कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने व्याभिचार कानून IPC 497 पर फिर से विचार करने की सहमति जताई है.

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रेप और यौन उत्पीड़न के मामलों में महिला के खिलाफ भी हो कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा गया है कि रेप और यौन उत्पीडन में महिला के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. वक़ील ऋषि मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि महिलाओं को भी पुरुषों की तरह रेप और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में दंडित किया जाए क्योंकि पुरुष भी रेप के पीड़ित हो सकते हैं.

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याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने व्याभिचार कानून IPC 497 पर फिर से विचार करने की सहमति जताई है. याचिका में कहा गया है कि अगर कोई पुरुष किसी महिला के खिलाफ रेप या यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराता है तो महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई नही होती क्योंकि 158 साल पुराने IPC के मुताबिक केवल पुरुष ही ऐसे अपराध करते हैं.

याचिका में कहा गया है कि अपराधी और अपराध का कोई लिंग नहीं होता, वो कोई भी कर सकता है. कानून अपराध को लेकर महिला और पुरुष के बीच भेदभाव नहीं करता. याचिका में कहा गया है IPC के 354 A 'सेक्सुअल हरासमेंट' और 376 ' रेप' के लिए शब्द  any man "कोई भी पुरुष" का इस्तेमाल किया गया है. इसे अल्ट्रा वाइरस घोषित किया जाए.

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याचिका में ऋषि मल्होत्रा ने संविधान के अनुच्छेद 15 का हवाला देते हुए कहा है कि इसके मुताबिक देश के किसी भी नागरिक के साथ लिंग, धर्म, जाति, जन्म लेने का स्थान को लेकर भेदभाव नही किया जाएगा.


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