वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर को खोलने के लिए अदालत में याचिका

एक याचिका अधिवक्ताओं एनपी सिंह और राजेंद्र माहेश्वरी की ओर से दाखिल की गई है तथा दूसरी याचिका श्रद्धालु हिमांशु गोस्वामी की ओर से दाखिल की गई है.

वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर को खोलने के लिए अदालत में याचिका

मथुरा सिविल जज जूनियर डिवीजन के याचिकाएं दायर की गईं.

मथुरा:

वृन्दावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर को दर्शनों के लिए खोलने का अनुरोध करते हुए सोमवार को तीन श्रद्धालुओं ने मथुरा की दीवानी अदालत में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं. कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन लगने के बाद से बंद बांकेबिहार मंदिर को शनिवार को भक्तों के लिए खोला गया था. लेकिन इस दौरान अव्यवस्थाओं तथा अफरा-तफरी के कारण मंदिर प्रबंधन को पुनः मंदिर बंद करने का निर्णय लेना पड़ा और दो दिन मंदिर खोले जाने के बाद मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया.अब भक्तों ने मंदिर में दर्शन की अनुमति के लिए न्यायालय का द्वार खटखटाया है.

सोमवार को इस संबंध में मथुरा सिविल जज जूनियर डिवीजन के यहां दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं. दोनों ही याचिकाओं में मंदिर को खोलने का निर्देश देने और नियमित दर्शन की अनुमति देने की प्रार्थना की गयी है.

एक याचिका अधिवक्ताओं एनपी सिंह और राजेंद्र माहेश्वरी की ओर से दाखिल की गई है तथा दूसरी याचिका श्रद्धालु हिमांशु गोस्वामी की ओर से दाखिल की गई है.

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याचिकाकर्ता एनपी सिंह ने कहा, ‘‘देश और दुनिया में ठा. बांकेबिहारी के बड़ी संख्या में भक्त मौजूद हैं. दो दिन दर्शन के लिए मंदिर के पट खोलकर मंदिर प्रबंधन ने राहत प्रदान की थी, लेकिन मनमाने तरीके से मंदिर को फिर बंद कर दिया गया है. न्यायालय से अपील की गयी है कि अधिकारियों को मंदिर के पट खोलने के आदेश दें.''

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याचिकाकर्ता माहेश्वरी ने कहा, ‘‘यह मंदिर देश में सर्वाधिक भक्तों द्वारा दर्शन करने वाले मंदिरों में शामिल है. वृन्दावन में तो रोजगार का माध्यम भी बांकेबिहारी ही हैं. मंदिर के न खुलने से असंख्य लोगों की रोजी-रोटी संकट में पड़ गई है. न्यायालय से प्रार्थना है कि प्रशासन को कोविड-19 की रोकथाम संबंधी व्यवस्थाओं के साथ मंदिर खोलने के निर्देश दिये जाएं.''

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इस संबंध में मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा का कहना है कि अब केवल मंदिर की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने वाले दर्शनार्थियों को ही क्रमवार दर्शन कराए जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस बार मंदिर खोलने से पूर्व भी यह व्यवस्था लागू की गई थी, किंतु एक साथ हजारों भक्तों द्वारा आवेदन किए जाने से वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया था.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)