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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर लाखों के विज्ञापन दिए सरकार ने, लेकिन गलती नहीं सुधारी

गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श मानने वाली BJP तथा उनकी सरकार के ही एक विभाग में सामंजस्य की कमी साफ दिखाई देती है, क्योंकि यह गलती अब तक ठीक नहीं की गई है...

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर लाखों के विज्ञापन दिए सरकार ने, लेकिन गलती नहीं सुधारी
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय हमेशा से पूजनीय रहे हैं, और जबसे केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी सरकार बनी है, उनके बारे में ढेरों बातें होती हैं, ढेरों योजनाएं उनके नाम से शुरू की गई हैं. लेकिन दूसरी ओर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में ऑनलाइन जानकारी देने वाले दो स्रोतों में विरोधाभास अभी तक बरकरार है.

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 101वीं जयंती के मौके पर आज हम याद कर रहे हैं दो महीने पहले NDTV.in पर प्रकाशित की गई ख़बर को, जिसमें हमने बताया था कि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) तथा BJP की वेबसाइटों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मस्थान से जुड़ी अलग-अलग जानकारी दी गई है, जिनमें से निश्चित रूप से एक तो गलत होगी ही.
 
ddu pib

बीजेपी जिस राजनैतिक पार्टी जनसंघ से बनी है, उसकी स्थापना करने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मस्थान दोनों वेबसाइटों में अलग-अलग राजस्थान और उत्तर प्रदेश बताया गया है. PIB के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर, 1916 को राजस्थान के धनकिया गांव में हुआ था, जबकि BJP की वेबसाइट का कहना है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर, 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव नगला चंद्रभान में हुआ था, जो पावन ब्रजभूमि का हिस्सा है.
 
ddu bjp

गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय को आदर्श मानने वाली BJP तथा उनकी सरकार के ही एक विभाग में सामंजस्य की कमी साफ दिखाई देती है, क्योंकि यह गलती अब तक ठीक नहीं की गई है, और दोनों ही वेबसाइटों पर अभी तक वही जानकारी मौजूद है, जो दो महीने पहले ख़बर प्रकाशित करते वक्त थी.


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