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‘संपूर्ण क्रांति’ के अगुवा रहे जयप्रकाश नारायण के गांव की बदहाल हो चुकी सड़क का मुद्दा उठा राज्यसभा में

शून्यकाल के दौरान जदयू के हरिवंश ने कहा कि जेपी का गांव सिताब दियारा देश के बड़े गांवों में से एक है. कुल 27 टोलों वाला यह गांव उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर है. इसे जयप्रकाश नगर भी कहा जाता है.

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‘संपूर्ण क्रांति’ के अगुवा रहे जयप्रकाश नारायण के गांव की बदहाल हो चुकी सड़क का मुद्दा उठा राज्यसभा में

सिताब दियारा में आई बाढ़ के समय की तस्वीर ( फाइल फोटो )

नई दिल्ली: राज्यसभा में आज जदयू के एक सदस्य ने स्वतंत्रता सेनानी और ‘संपूर्ण क्रांति’ के प्रणेता जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा तक जाने वाली एकमात्र सड़क को दुरूस्त करने की मांग उठाई. शून्यकाल के दौरान जदयू के हरिवंश ने कहा कि जेपी का गांव सिताब दियारा देश के बड़े गांवों में से एक है. कुल 27 टोलों वाला यह गांव उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर है. इसे जयप्रकाश नगर भी कहा जाता है.

लोकनायक के गांव को बचाने के लिए चाहिए कोई 'नायक'

इस गांव के समीप से बहने वाली घग्घर नदी पर बिहार सरकार की ओर से बांध बनवाया गया है लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने की वजह से इस गांव में अक्सर बाढ़ आती है और गांव की ओर जाने वाली एकमात्र सड़क बदहाल हो चुकी है. हरिवंश ने सरकार से तत्काल इस ओर ध्यान देने की मांग की. विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनके इस मुद्दे से स्वयं को जोड़ा. सांसद हरिवंश ने बिहार में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा को बचाने की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि केंद्र इस गांव बचाने के लिए राज्य सरकारों को सहयोग करे. गांव में आने-जाने का रास्ता सुरक्षित किया जाए.

दरअसल इस गांव का एक बड़ा हिस्सा गंगा और सरयू के कटाव में तबाह हो चुका है और बचे हिस्से को बचाने में सरकारें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं. सरयू के कटाव में कई मकान जमींदोज हो चुके हैं. चार किलोमीटर का इलाका सरयू में समा चुका है और यह सिलसिला लगातार जारी है, क्योंकि इस पर रोक लगाने में न तो बिहार और ना ही यूपी की सरकार दिलचस्पी ले रही है.

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बता दें कि सिताब दियारा में उनके जन्मदिन पर लोगों ने अनशन रखा था. गांव बचाने को लेकर यहां के इतिहास में पहली बार युवकों ने एक दिन का अनशन भी किया था. इन्होंने मांग की कि नदी के कटाव को रोकने का प्रयास किया जाए और हर हाल में बाढ़ की मार से गांव को बचाया जाए. जिन लोगों की जमीन और घर पानी में समा गए उनको उचित मुआवजा दिया जाए.

वीडियो : जेपी की विरासत पर सियासत भी खूब हुई
 


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