ये सेमीफाइनल है, फाइनल अभी बाकी है...

खास बातें

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट के बाद एक और फेरबदल किया जा सकता है जिससे इसे सेमीफाइनल कहा जा रहा है।
नई दिल्ली:

महीनों की कश्मकश के बाद प्रधानमंत्री ने अपनी कैबिनेट में फेरबदल की जिसमे तीन नए चेहरे शामिल किए गए, चार को तरक्की दी गई और कुल 32 विभागों में फेरबदल किया गया। लेकिन, फिर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट के बाद एक और फेरबदल किया जा सकता है जिससे इसे सेमीफाइनल कहा जा रहा है। मई, 2009 में दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पहली बार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल करते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने तीन मंत्रियों को प्रमोशन दिया जबकि तीन को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्यमंत्री बना दिया गया है। प्रमोशन पाने वालों में एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल शामिल हैं, जिन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हटाकर कैबिनेट मंत्री के रूप में भारी उद्योग मंत्रालय सौंपा गया है, जबकि श्रीप्रकाश जायसवाल को कोयला विभाग में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। इनके अतिरिक्त सलमान खुर्शीद को जल संसाधन मंत्रालय की बागडोर सौंपते हुए बेनी प्रसाद वर्मा को इस्पात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा अजय माकन को खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। अश्विनी कुमार को भी स्वतंत्र प्रभार के साथ योजना, संसदीय कार्य, विज्ञान और तकनीकी राज्यमंत्री बनाया गया है। केसी वेणुगोपाल ऊर्जा राज्यमंत्री होंगे। अब तक प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री रहे वायलार रवि को प्रफुल्ल पटेल की जगह नागरिक उड्डयन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सीपी जोशी को ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्रालय से हटाकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। कुमारी शैलजा से पर्यटन मंत्रालय वापस ले लिया गया है और अब वह संस्कृति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देखेंगी और आवासीय व शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री बनी रहेंगी। केवी थॉमस को उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। दिनशा पटेल को खनन मंत्रालय में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा दिया गया है। ई अहमद को रेलवे से विदेश मंत्रालय में भेजा गया है, जबकि हरीश रावत को श्रम मंत्रालय से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया गया है। सुबोध कांत सहाय को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से पर्यटन मंत्रालय भेजा गया है। पवन कुमार बंसल संसदीय कार्य मंत्री बने रहेंगे, लेकिन जल संसाधन मंत्रालय का काम उनकी जगह सलमान खुर्शीद देखेंगे। वी नारायणसामी को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री बनाया गया है। साथ ही उन्हें कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग दिया गया है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी उनके पास बनी रहेगी। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग अब उनके पास नहीं रहेगा।

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