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बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ने का विरोध : PM मोदी 12 अप्रैल को रखेंगे उपवास, शाह देंगे धरना

बजट सत्र के दौरान संसद के कामकाज में आए बाधा के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिन का उपवास रखेंगे.

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बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ने का विरोध : PM मोदी 12 अप्रैल को रखेंगे उपवास, शाह देंगे धरना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में आयोजित बजट सत्र में विपक्ष द्वारा संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के विरोध में भाजपा सांसदों के साथ गुरुवार (12 अप्रैल) को दिनभर का उपवास रखेंगे. वहीं, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह उसी दिन चुनावी राज्य कर्नाटक के हुबली में धरना देंगे. सूत्रों ने बताया कि उपवास रखने के दौरान पीएम मोदी लोगों और अधिकारियों से मिलने और फाइलों को मंजूरी देने के अपने दैनिक नियमित आधिकारिक कामकाज में कोई बदलाव नहीं करेंगे. गौरतलब है कि बीजेपी ने संसद के कामकाज में आए बाधा के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया था. 

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भाजपा सांसदों को शुक्रवार को संबोधित करते हुए मोदी ने विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि संसद में गतिरोध के विरोध में भाजपा सांसद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे. कांग्रेस ने भाजपा के कार्यक्रम से पहले ही देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिये 9 अप्रैल को पार्टी सदस्यों के एक दिन का उपवास करने की घोषणा की थी.

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भाजपा के सभी सांसद 12 अप्रैल को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में उपवास रखेंगे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह उसी दिन कर्नाटक के हुबली में धरना देंगे. पार्टी 11 अप्रैल को पिछड़ी जाति के समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती को समता दिवस के रूप में मनाएगी. सूत्रों ने कहा कि इस दिन मोदी सांसदों को संबोधित करेंगे और उनमें से कुछ से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुसार, भाजपा सांसद 14 अप्रैल को दलित नेता भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके पर कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे.

VIDEO : 12 अप्रैल को पीएम का उपवास


गौरतलब है कि इस बार का बजट सत्र  वर्ष 2000 के बाद अब तक का सबसे कम कामकाज वाला सत्र रहा. विधायी कार्यों से जुड़ी शोध संस्था‘ पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च’ की रिपोर्ट के अनुसार गत 29 जनवरी से 6 अप्रैल तक दो चरणों में संपन्न हुये समूचे बजट सत्र में लोकसभा में मात्र 23 प्रतिशत और राज्यसभा में 28 प्रतिशत कामकाज हो पाया. साल 2000 के बाद यह अब तक का सबसे कम कामकाज वाला सत्र रहा.

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उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस संसद के दोनों सदनों में गतिरोध के लिये एकदूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि सत्र के पहले चरण में लोकसभा में किये गये काम का प्रतिशत 134 और राज्यसभा के काम का प्रतिशत 96 रहा था. 

(इनपुट : भाषा)


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