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भारत-चीन संबंधों में उतार-चढ़ाव के बीच पीएम मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात अहम, 10 प्रमुख बातें

पीएम मोदी ने शी चिनफिंग को चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध मूर्तिकला शहर महाबलीपुरम में तीन महत्वपूर्ण स्मारकों की वास्तुकला और महत्व के बारे में विस्तार से बताया

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भारत-चीन संबंधों में उतार-चढ़ाव के बीच पीएम मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात अहम, 10 प्रमुख बातें

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पीएम नरेंद्र मोदी.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच शनिवार को अनौपचारिक बातचीत होगी. भारत-चीन के संबंधों में आते उतार-चढ़ाव के बीच इन दोनों नेताओं के बीच बातचीत काफी महत्वपूर्ण हैं. यह इन दोनों देशों के बीच आर्थिक और क्षेत्रीय संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मुलाकात साबित होगी. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग शुक्रवार को चेन्नई पहुंचे और वहां से मामल्लापुरम गए तो लोक नर्तकों और भरतनाट्यम कलाकारों ने तमिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया. बड़ी संख्या में बच्चों ने भारतीय और चीनी झंडे लहराकर उनका अभिवादन किया. चिनफिंग से पहले हेलीकॉप्टर से मामल्लापुरम पहुंचे प्रधानमंत्री ने अर्जुन तपस्या स्मारक पर चीनी नेता की अगवानी की. परंपरागत तमिल परिधान धोती, अंगवस्त्रम और शर्ट पहने प्रधानमंत्री ने शी चिनफिंग से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया. दोनों नेताओं ने एक दूसरे का हालचाल पूछा. मोदी और चिनफिंग शनिवार को अनौपचारिक शिखर वार्ता करेंगे. शुक्रवार को हुई दोनों नेताओं की मुलाकात की 10 प्रमुख बातें-
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
  1. तमिलनाडु की पारपंरिक वेशभूषा वेष्टि (धोती), सफेद कमीज और अंगवस्त्रम पहने मोदी ने अच्छे मेजबान की भूमिका निभाते हुए शी को इस प्राचीन शहर की विश्व प्रसिद्ध धरोहरों अर्जुन तपस्या स्मारक, नवनीत पिंड (कृष्णाज बटरबॉल), पंच रथ और शोर मंदिर के दर्शन कराए.
  2. दूरदर्शन द्वारा दिखाई गई दोनों नेताओं की फुटेज में मोदी सूर्यास्त के दौरान सूरज की मध्यम रोशनी में चीनी नेता को स्मारकों की ऐतिहासिक महत्ता बताते हुए दिखे. सफेद कमीज और काला पेंट पहने शी चीन के फुजियांग प्रांत के साथ ऐतिहासिक रूप से जुड़े इस तटीय शहर के विरासत स्थल में प्रसिद्ध गुफाओं एवं पत्थर की मूर्तियों में काफी रुचि दिखाते दिखे. मोदी और शी की मदद के लिए उनके साथ एक-एक अनुवादक भी थे.
  3. मोदी और शी पंच रथ परिसर में करीब 15 मिनट बैठे और उन्होंने नारियल पानी पीते हुए गहन वार्ता की. इस बैठक की तस्वीरों में दो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के बीच गर्मजोशी और तालमेल दिखा. दोनों नेता पंच रथ से पल्लव वंश की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शोर मंदिर गए. वहां आकर्षक रोशनी की गई थी.
  4. पीएम मोदी और शी चिनफिंग के साथ दोनों पक्षों के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने कलाक्षेत्र सोसाइटी की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया.
  5. पीएम मोदी ने शोर मंदिर परिसर में एक निजी रात्रिभोज में शी की मेजबानी की. मंदिर को रोशनी और फूलों से सजाया गया था. दोनों पक्षों से आठ-आठ प्रतिनिधियों को भी इस भोज के लिए आमंत्रित किया गया था. रात्रिभोज में तमिलनाडु के चुनिंदा पारंपरिक व्यंजनों समेत शाकाहारी एवं मांसाहारी व्यंजन परोसे गए.
  6. नवनीत पिंड (कृष्णाज बटरबॉल) स्थल पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शी के साथ निजी तालमेल को दर्शाते हुए उनका हाथ पकड़कर ऊपर उठाया.
  7. मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए पहुंचे शी चिनफिंग का चेन्नई में भव्य स्वागत किया गया. शी के हवाईअड्डे पर पहुंचने पर तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने उनका स्वागत किया.
  8. शी के भारत पहुंचने के कुछ ही देर बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति शी चिनफिंग, आपका भारत में स्वागत है.' शी के साथ चीनी विदेश मंत्री वांग यी, चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य डिंग शुएशियांग और स्टेट काउंसलर यांग जिएची समेत 90 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा. शी के स्वागत में हवाईअड्डे पर एक छोटे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत को दिखाया गया.
  9. दोनों नेताओं के बीच शनिवार को करीब छह घंटे बातचीत होगी. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी. इसके बाद दोनों पक्ष शिखर वार्ता के परिणाम पर अलग-अलग बयान जारी करेंगे.
  10. भारत में चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने कहा है कि अनौपचारिक शिखर वार्ता से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विकास की दिशा पर दिशानिर्देशक सिद्धांत समेत नई आम-सहमतियां उभर सकती हैं. दोनों नेता व्यापार संबंधों के विस्तार के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं. चीन-भारत सीमा पर अमन-चैन बनाए रखने, दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के तरीकों पर ध्यान दिया जा सकता है.



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