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दूसरी पारी की पहली 'मन की बात' में बोले PM मोदी- लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई उन्हें को छीन ले

साल 2014 में सरकार बनाने के बाद अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने अपनी मासिक ‘मन की बात' के जरिए 53 बार राष्ट्र को संबोधित किया है.

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दूसरी पारी की पहली 'मन की बात' में बोले PM मोदी- लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई उन्हें को छीन ले

पीएम मोदी ने दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद पहली बार 'मन की बात' को किया संबोधित

नई दिल्ली:

पीएम मोदी ने दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद पहली बार मन की बात को संबोधित किया है. रविवार को मन की बात को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस रविवार ने बहुत इंतजार करवाया. दूसरी पारी के पहले एपिसोड को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं जब भी #MannKiBaat करता हूं तो आवाज मेरी, शब्द मेरे हैं, लेकिन कथा आपकी है, पुरुषार्थ आपका है, पराक्रम आपका है. इसके कारण में इस कार्यक्रम को नहीं आपको मिस कर रहा था,एक खालीपन महसूस कर रहा था.' उन्होंने कहा कि कई सारे संदेश पिछले कुछ महीनों में आए. जिसमें लोगों ने कहा कि वे #MannKiBaat को मिस कर रहे हैं. जब मैं पढ़ता हूं, सुनता हूं, मुझे अच्छा लगता है. मैं अपनापन महसूस करता हूं. मुझे लगता है कि ये मेरी स्व में समष्टि की यात्रा है. ये मेरी अहम से वयम की यात्रा है.

साथ ही कहा, 'मन की बात' में मुझे इतने खत आते हैं, इतने टेलीफोन कॉल आते हैं, इतने संदेश मिलते हैं, लेकिन शिकायत का तत्व बहुत कम होता है और किसी ने कुछ मांगा हो, अपने लिए मांगा हो, ऐसी तो एक भी बात, गत पांच वर्ष में, मेरे ध्यान में नहीं आई है. आप कल्पना कर सकते हैं, देश के प्रधानमंत्री को कोई चिट्ठी लिखे, लेकिन खुद के लिए कुछ मांगे नहीं, यह देश के करोड़ों लोगं की भावना कितनी ऊंची होगी.'


उन्होंने कहा, 'जब देश में आपातकाल लगाया गया, तब उसका विरोध सिर्फ राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं था. दिन-रात जब समय पर खाना खाते हैं तब भूख क्या होती है, इसका पता नहीं होता है, वैसे ही सामान्य जीवन में लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन ले. लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन ले.

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पीएम मोदी ने साथ ही कहा, 'भारत में 2019 के लोकसभा चुनाव में 61 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट दिया. यह संख्या हमें बहुत ही सामान्य लग सकती है, लेकिन अगर दुनिया के हिसाब से देखें और चीन को छोड़ दिया जाए तो भारत में दुनिया के किसी भी देश की आबादी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया है.'

पानी की समस्या पर पीएम मोदी ने कहा, 'वर्षा से जो पानी मिलता है, उसका सिर्फ आठ फीसदी बचाया जाता है. समय आ गया है कि इस समस्या का हल निकाला जाए. मुझे उम्मीद है कि जन भागीदारी से जल संकट का समाधान कर लेंगे. मैंने ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है कि वो पानी बचाने के लिए ग्राम सभा की बैठक करें और पानी पर विचार विमर्श करें. 22 जून को करोड़ों लोगों ने समर्थन किया.'



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