PM मोदी लद्दाख में : इंदिरा गांधी के लेह दौरे की तस्वीर शेयर मनीष तिवारी ने कसा तंज- देखते हैं ये क्या करते हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का मुआयना किया है. बीते जून के महीने में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिकों ने जान गंवा दी थी. पीएम  मोदी के साथ लद्दाख दौरे में सीडीएस बिपिन रावत भी मौजूद हैं

PM मोदी लद्दाख में : इंदिरा गांधी के लेह दौरे की तस्वीर शेयर मनीष तिवारी ने कसा तंज- देखते हैं ये क्या करते हैं?

मनीष तिवारी ने इंदिरा गांधी के लेह दौरे की तस्वीर शेयर की है.

नई दिल्ली :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का मुआयना किया है. बीते जून के महीने में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिकों ने जान गंवा दी थी. पीएम  मोदी के साथ लद्दाख दौरे में सीडीएस बिपिन रावत भी मौजूद हैं. पीएम मोदी का यह दौरा चीन को एक कड़ा संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है वहीं ये भी साफ तौर पर बता दिया गया है कि भारतीय सेना के पीछे इस बार दृढ़ इच्छा शक्ति है. लेकिन इस बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की एक तस्वीर शेयर कर सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने ने इस तस्वीर को ट्वीटर पर शेयर कहा है, उनके (इंदिरा गांधी) लेह दौरे के बाद पाकिस्तान दो भागों में टूट गया था, अब देखते हैं कि यह क्या करते हैं'? 

Newsbeep

अचानक दौरे पर पहुंचे हैं पीएम मोदी
पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच हिंसक झड़प के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ शुक्रवार को लेह पहुंचे. सूत्रों ने बताया कि मोदी सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे.  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इस समय निमू में एक अग्रिम स्थल पर हैं और थलसेना, वायुसेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों से बात कर रहे हैं.  सिंधु नदी के तट पर 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है. यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


15-16 जून की रात हुई थी झड़प
आपको बता दें कि 15-16 जून की दरमियानी रात चीनी सैनिकों और भारतीय जवानों में झड़प हो गई थी. जिसमें 20 भारतीय सैनिकों ने जान गंवा दी थी. वहीं सेना के सूत्रों का कहना है कि इस घटना में 40 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गए थे. हालांकि चीन की ओर से इस बात की कभी कोई पुष्टि नहीं की गई है. यह घटना उस समय हुई थी जब सैन्य स्तर की बातचीत के दौरान चीन की सेना को पीछे हट रही थी. (इनपुट भाषा से भी)