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दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के लाभार्थियों से बोले पीएम मोदी- पिछली सरकार ने वादा पूरा नहीं किया, हमने बिना देरी के बिजली पहुंचाई

दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के लाभार्थियों को पीएम मोदी ने गुरुवार को संबोधित किया.

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दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के लाभार्थियों से बोले पीएम मोदी- पिछली सरकार ने वादा पूरा नहीं किया, हमने बिना देरी के बिजली पहुंचाई

पीएम मोदी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के लाभार्थियों को पीएम मोदी ने गुरुवार को संबोधित किया. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के 70 सालों बाद भी 18 हजार गावों में बिजली नहीं थीृ. यह दुर्भाग्य है उन्होंने कहा कि हमने बिना देरी के बिजली पहुंचाने का काम शुरू किया. 2014 तक 18,000 गांवों में बिजली नहीं थी. हमने हर गांव में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा. हमने पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना की शुरुआत की.
उन्होंने कहा कि देश में पहली बार जिन गांवों में बिजली पहुंची. उनकी खुशियों में शामिल होने का आज मौका मिला. 

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2005 में सरकार ने 2009 तक बिजली पहुंचाने का वादा किया था. उस वक्त सत्तारूढ़ पार्टी की अध्यक्ष ने कहा था कि पार्टी हर घरो में बिजली पहुंचाएगी. मगर यह कहने की जरूरत नहीं है कि इतने लंबे कार्यकाल में ऐसा नहीं हो सका.

आगे पीएम मोदी ने कहा कि लाल किले की प्राचीर से मैंने इस बाता का ऐलान किया था कि हर गाव में बिजली पहुंचाई जाएगी. हम हर गांव तक गये, बातें की. हमने सिर्फ बिजली पर फोकस नहीं रखा, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को भी देश भर में सुधारा.

अरुणाचल प्रदेश के तवांग से एक लाभार्थी ने पीएम मोदी से कहा कि मगर अब हमारे पास बिजली है. हम टीवी देख सकते हैं. हम हीटर भी खरीद सकते हैं और बच्चे अच्छे से पढ़ाई भी कर सकते हैं. वहीं, त्रिपुरा के एक लाभार्थी ने पीएम मोदी से कहा कि बिजली के आने से हमारे बच्चे अब खुश हैं. हम अप पंखे भी खरीद सकते हैं, जो गर्मियों में हमें मदद करती है.

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क्या है यह दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना:

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) पूरे ग्रामीण भारत को निरंतर बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए बनाया गया है. यह योजना नवंबर 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस घोषणा के साथ शुरू की गयी थी कि "सरकार नें 1000 दिनों के भीतर 1 मई, 2018 तक 18,452 अविद्युतीकृत गांवों का विद्युतीकरण करने का फैसला लिया है".यह भारत सरकार की प्रमुख पहलों में से एक है और विद्युत मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है. डीडीयूजीजेवाई से ग्रामीण परिवारों को काफी फायदा हो सकता है क्योंकि बिजली देश की वृद्धि और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
 


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