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जिस 'डिस्लेक्सिया' को लेकर ट्रोल हुए पीएम मोदी, जानिए उसके बारे में सबकुछ

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2019' के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में देहरादून की एक छात्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी को बताया कि यह प्रोग्राम डिस्लेक्सिया पीड़ितों बच्चे (Dyslexia Children) जो पढ़ने-लिखने में परेशानी महसूस करते हैं उनके लिए भी फायदेमंद हो सकता है.

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जिस 'डिस्लेक्सिया' को लेकर ट्रोल हुए पीएम मोदी, जानिए उसके बारे में सबकुछ
नई दिल्ली:

पीएम मोदी ने पिछले दिनों छात्रों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डिस्लेक्सिया पर बात करते हुए कुछ ऐसा कहा जिसके चलते सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई. माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने डिस्लेक्सिया के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी पर निशाना साधा. पीएम मोदी की इस तरह की टिप्पणी लोगों को कुछ खास पसंद नही आई और उनकी खूब आलोचना भी हुई. दरअसल, बीते शनिवार 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2019' (Smart India Hackathon 2019) के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में देहरादून की एक छात्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को बताया कि यह प्रोग्राम डिस्लेक्सिया पीड़ितों बच्चे (Dyslexia Children) जो पढ़ने-लिखने में परेशानी महसूस करते हैं उनके लिए भी फायदेमंद हो सकता है. छात्रा ने पीएम मोदी से कहा, "हमारे पास डिस्लेक्सिया पीड़ितों बच्चों के लिए एक आइडिया है, जो पढ़ने-लिखने में बेहद धीमे होते हैं, लेकिन उनका क्रिएटिविटी लेवल काफी अच्छा होता है. हम यह फिल्म 'तारे जमीन पर' में देख चुके हैं." इस पर पीएम मोदी ने छात्रा से पूछा कि क्या यह प्रोग्राम 40-50 साल के बच्चे के काम भी आएगा? छात्रा के हां में जवाब देने पर पीएम ने कहा फिर तो ऐसे बच्चे की मां बहुत खुश हो जाएगी. 

बहरहाल, बात हंसी मज़ाक में उड़ गई, लेकिन डिस्लेक्सिया मज़ाक नही गंभीर विषय है. यहां पर हम आपको डिस्लेक्सिया के बारे में बता रहे हैं. 


क्या है डिस्लेक्सिया?

डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसॉर्डर है, जिसमें इस परेशानी से ग्रसित बच्चे या व्यक्ति को पढ़ने, लिखने और याद करने में दिक्कत आती है. हालांकि डिस्लेक्सिया की वजह से उनकी बुद्धि या ज्ञान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों और बड़ों को रोज़ाना की ज़िंदगी जैसे स्कूल और ऑफिस में लिखने और पढ़ने में काफी परेशानी होती है. 

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डिस्लेक्सिया के लक्षण
इस डिसॉर्डर के लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं. जैसे -
1. धीरे लिखना और पढ़ना.
2. शब्दों को मिलाने में कन्फ्यूज़न रहना.
3. एक जैसे दिखने वाले शद्बों में फर्क ना पहचान पाना. जैसे b की जगह d लिखना या d की जगह b.
4. स्पेलिंग गलत लिखना.
5. सुने हुए शद्बों को लिखने में दिक्कत आना.
6. दिशाओं को समझने या मैप को समझने में परेशानी होना.
7. प्लानिंग और ऑर्गनाइज़ करने में दिक्कत होना. 

इन सबके बावजूद डिस्लेक्सिया डिसॉर्डर से पीड़ित व्यक्ति बहुत क्रिएटिव हो सकते हैं. 

डिस्लेक्सिया कैसे ठीक होता है?

आपने 2007 में आई आमिर खान की फिल्म 'तारे जमीन पर' देखी होगी. उस फिल्म में एक बच्चा है जिसका नाम ईशान है और वह डिस्लेक्सिया से पीड़ित होता है. इसका जैसा इलाज फिल्म में समझाया गया है, असल ज़िंदगी में भी डिस्लेक्सिया को ऐसे ही ठीक किया जाता है. 

बच्चों को डिस्लेक्सिया से बाहर के लिए उन्हें हर शब्दों को समझने के लिए चित्रों और बेसिक बातों को समझने की जरूरत होती है. अगर कोई डिस्लेक्सिया से पीड़ित हो तो उन्हें चीज़ों को समझने के लिए पर्याप्त समय और प्रोत्साहन देना चाहिए.  इससे भी जरूरी उनके साथ धैर्य से पेश आना चाहिए.

डिस्लेक्सिया का कारण
डिस्लेक्सिया किस वजह से और क्यों होता है इसका कोई सटीक कारण अभी तक सामने नही आया है. लेकिन माता-पिता या परिवार में अगर किसी को दिमाग से जुड़ी कोई भी परेशानी रही हो तो, बच्चों में डिस्लेक्सिया होने के कारण बढ़ सकते हैं.  

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डिस्लेक्सिया से पीड़ित हस्तियां
आपको बता दें, वॉल्ट डिजनी, लियोनार्डो द विंसी, पिकासो, एल्बर्ट आइंस्टीन कुछ ऐसे शख्स हैं जिन्हें डिस्लेक्सिया था. 

VIDEO: पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डिस्लेक्सिया के जरिए राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए.



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