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...जब रूस में पीएम मोदी ने विशेष सोफे पर बैठने से कर दिया इनकार, जानें- पूरा मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रूस दौरे पर फोटो सेशन के दौरान उनके बैठने के लिए विशेष रूप से लाए गए सोफे पर बैठने से इंकार कर दिया.

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...जब रूस में पीएम मोदी ने विशेष सोफे पर बैठने से कर दिया इनकार, जानें- पूरा मामला

फोटोसेशन के दौरान पीएम ने विशेष सोफे पर बैठने से इनकार कर दिया.

खास बातें

  1. रूस में फोटोसेशन के दौरान हुआ वाकया
  2. पीएम मोदी ने विशेष सोफे की जगह मंगाई कुर्सी
  3. पीएम ने अपनी सादगी से लोगों का दिल जीता
नई दिल्ली :

पीएम मोदी ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) की बैठक में शामिल होने के लिए रूस दौरे पर गए थे. वहां एक दिलचस्प वाकया हुआ और पीएम ने अपनी सादगी से सभी का दिल जीत लिया. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रूस दौरे पर फोटो सेशन के दौरान उनके बैठने के लिए विशेष रूप से लाए गए सोफे पर बैठने से इंकार कर दिया और अन्य लोगों के साथ बैठने के लिए साधारण कुर्सी मंगाई. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें मंगलवार को पीएम मोदी द्वारा सोफा के बजाय कुर्सी पर बैठने के लिए कहने के बाद अधिकारियों को सोफे के स्थान पर कुर्सी रखते हुए देखा जा सकता है. गोयल ने ट्वीट किया, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी दिखी जब वे अपने लिए किए गए विशेष प्रबंध को खारिज कर अन्य लोगों के बीच साधारण कुर्सी पर बैठ गए.' 

आपको बता दें कि पीएम मोदी व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) में शामिल होने दो दिवसीय रूस यात्रा पर गए थे. प्रधानमंत्री ने रूस के ब्लादिवोस्तोक शहर में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम को संबोधित कते हुए कहा था कि वह राष्ट्रपति पुतिन के विजन से प्रभावित हैं. रूस के इस सफर में भारत उनके साथ है. दोनों देशों को भागीदारी मजबूत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश बना है जिसने ब्लादिवोस्तोक शहर में कॉन्स्युलेट खोला है. रूस और भारत एक दूसरे पर काफी समय से विश्वास कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि व्लादिवस्तोक यूरेशिया और पैसिफिक का संगम है. यह आर्कटिक और नॉर्दन सी रूट के लिए नए अवसर खोलता है. 


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पीएम ने कहा कि रूस का करीब तीन चौथाई भाग एशियाई है. फार ईस्ट इस महान देश की एशियन पहचान को मजबूत करता है. इस क्षेत्र का आकार भारत से करीब दो गुना है. जिसकी आबादी सिर्फ 6 मिलियन है. राष्ट्रपति पुतिन का फॉर ईस्ट (Far East) के प्रति लगाव और विजन केवल इस क्षेत्र के लिए ही नहीं, अपितु भारत जैसे रूस के पार्टनर्स के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आया है.. भारत में भी हम सबका साथ - सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ एक नए भारत के निर्माण में जुटें हैं. 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के अभियान में भी हम जी-जान से जुटे हैं. (आईएएनएस से इनपुट के साथ)



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