OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा और एससी-एसटी बिल का पास होने पर पीएम मोदी ने कहा- 'अगस्त क्रांति'

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गयी है

OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा और एससी-एसटी बिल का पास होने पर पीएम मोदी ने कहा- 'अगस्त क्रांति'

पीएम मोदी ने संसदीय दल की बैठक में कहा- 1 अगस्त से 7 अगस्त तक 'अगस्त क्रांति' सप्ताह मनाएंगे.

खास बातें

  • बीजेपी संसदीय दल की हुई बैठक
  • दोनों बिलों के पास होने पर पीएम ने कहा बड़ी सफलता
  • पीएम मोदी ने कहा- अगस्त क्रांति
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक में कहा कि OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा और एससी-एसटी बिल का पास होना सामाजिक न्याय के क्षेत्र में "अगस्त क्रांति" है. पीएम मोदी ने कहा कि पीढ़ियों तक जो नहीं किया गया वो हमने किया है. हम हर साल 1 अगस्त से 7 अगस्त तक 'अगस्त क्रांति' सप्ताह मनाएंगे. गौरतलब है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गयी है. राज्यसभा ने सोमवार को इससे संबंधित ‘संविधान (123वां संशोधन) विधेयक को 156 के मुकाबले शून्य मतों से पारित कर दिया. लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है.  संविधान संशोधन होने के नाते विधेयक पर मत विभाजन किया गया, जिसमें सभी 156 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया. विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्यों के अधिकारों के हनन होने के संबंध में कुछ सदस्यों ने जो आशंका व्यक्त की है, वह निर्मूल है. 

ओबीसी आयोग को मिला संवैधानिक दर्जा, संसद से पास हुआ विधेयक

वहीं एससी/एसटी एक्ट संशोधन विधेयक  भी लोकसभा में पास हो गया है. इससे सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कई परिवर्तन कर दिये थे जिससे कई पार्टियां और दलित संगठन नाराज हो गये और आंदोलन की धमकी दी थी.

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क्या है 'अगस्त क्रांति'
अगस्त क्रांति आंदोलन की शुरूआत 9 अगस्त, 1942 को हुई थी. भारतीय के इतिहास में 9 अगस्त की तारीख को 'अगस्त क्रांति दिवस' के तौर पर मनाया जाता है. इस आंदोलन के पीछे अंग्रेज सरकार की वादाखिलाफी थी जिसने वादा किया था कि दूसरे विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों की मदद लेने के बाद वह भारत को आजाद कर देगी. लेकिन बाद में वह मुकर गये. जिससे महात्मा गांधी ने 'भारत छोड़ो आंदोलन शुरू कर दिया'.