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पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टर्नबुल से कहा, 'खुशी है कि हमारे फैसले DRS के दायरे में नहीं आते'

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पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टर्नबुल से कहा, 'खुशी है कि हमारे फैसले DRS के दायरे में नहीं आते'

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल और पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ हाल में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में 'डीआरएस' को लेकर भिड़ गए थे और शायद इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुशी है कि उन्होंने और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल ने जो फैसले किये हैं वे 'डीआरएस के अधीन' नहीं आते.

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच समाप्त हुई कड़ी टेस्ट सीरीज और इस दौरान अंपायर रेफरल प्रणाली को लेकर चली बहस के संदर्भ में कहा, 'हल्के फुल्के अंदाज में कहूं तो मैं वास्तव में खुश हूं कि हमारे फैसले डीआरएस समीक्षा प्रणाली के अधीन नहीं आते.'

मोदी ने टर्नबुल के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद जारी बयान में दोनों देशों के बीच संबंधों का वर्णन करते हुए क्रिकेट का जिक्र किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि टर्नबुल के देश के दौरे का अंत भी हाल की टेस्ट सीरीज में स्मिथ की बल्लेबाजी फॉर्म की तरह ही सार्थक होगा. पीएम मोदी ने कहा, 'अभी पिछले महीने हम बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के रोमांचक अंत का गवाह बने.'

उन्होंने कहा, 'मैंने 2014 में ऑस्ट्रेलियाई संसद में अपने भाषण में महान ब्रैडमैन और तेंदुलकर का जिक्र किया था. आज भारत में विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया में स्टीवन स्मिथ क्रिकेट की युवा ब्रिगेड को नया स्वरूप दे रहे हैं.' स्मिथ के चार मैचों की सीरीज में 499 रन के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि भारत की आपकी यात्रा भी एक अन्य ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ की बल्लेबाजी की तरह ही सार्थक होगी.'

प्रधानमंत्री मोदी और उनके टर्नबुल की बैठक के बाद दोनों देशों ने आतंकवाद से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देने वाले एक करार समेत छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए. दोनों नेताओं ने पारस्परिक हितों और चिंताओं के विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की. टर्नबुल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा कि उन्होंने रिश्तों से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा की और व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते पर अगले दौर की चर्चा के जल्द आयोजन समेत कई 'दूरदर्शी' फैसले किए.

भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों के लिए वैश्विक रणनीति और समाधान की जरूरत है. दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने को लेकर सहयोग को बढ़ावा देने वाले करार को अंतिम रूप दिया. यह करार गृह मंत्रालय और ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय के बीच हुआ. मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम के निर्यात के लिए तैयार है तो टर्नबुल ने कहा कि उनकी सरकार भारत को जल्द-से-जल्द यूरेनियम के निर्यात को लेकर आशान्वित है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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