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लखनऊ : पीएम के स्‍वागत में लगे पोस्‍टरों पर लिखा, 'उरी का बदला लेने वाले मोदी का स्वागत है'

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लखनऊ : पीएम के स्‍वागत में लगे पोस्‍टरों पर लिखा, 'उरी का बदला लेने वाले मोदी का स्वागत है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. होर्डिंग में उरी का बदला लेने के लिए मोदी के स्वागत का ऐलान किया गया है
  2. इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है
  3. पीएम मोदी की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है
लखनऊ :

लखनऊ में पीएम मोदी के दशहरे पर सियासत तेज हो गई है. सीएम अखिलेश यादव ने तंज किया है कि अगर चुनाव बिहार में होते तो मोदी बिहार में दशहरा मनाते. रामलीला मैदान के बाहर आयोजकों ने होर्डिंग लगा दी है जिसमें लिखा है कि 'उरी का बदला लेने वाले मोदी का स्वागत है.' लेकिन बीजेपी उपाध्यक्ष और लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ये सिर्फ धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन है, इसमें कोई राजनीति नहीं.

पहले बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि उरी के शहीदों की चिता अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि मोदी उसपर सियासत करने लगे. पहले दशहरे में जा रहे हैं फिर हो सकता है दिवाली में भी जाएं. आज तंज करने की बारी अखिलेश की थी. उन्होंने कहा, 'चुनाव बिहार में होता तो शायद बिहार में रावण जलता. वहां पर लोग जाते. चुनाव है. मैं समझता हूं कि रामलीला और इन त्योहारों को तो दूर ही रखना चाहिए.'

रामलीला मैदान के बाहर रामलीला समिति की तरफ से होर्डिंग लग गई हैं जिनमें उरी का बदला लेने के लिए मोदी के स्वागत का ऐलान किया गया है. लेकिन मैदान के अंदर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि इसमें कोई सियासत नहीं. चुनाव की वजह से रावण वध तो टाला नहीं जा सकता और दशहरा भी चुनाव तक रोका नहीं जा सकता.


रामलीला में मोदी को कृष्ण का सुदर्शन चक्र, हनुमान की गदा और राम का धनुष-बाण उपहार में दिया जाएगा. उनके सामने ही राम रावण का वध करेंगे. लेकिन आतंकवाद के नाम पर बना विशाल रावण सुरक्षा कारणों से उनके जाने के बाद जलेगा. चूंकी रावण के जलने पर आतिशबाजी होती है, और रामलीला मैदान काफी छोटा है, इसलिए पीएम की मौजूदगी में आतिशबाजी की इजाजत नहीं मिली है, इसलिए मोदी के जाने के बाद रावण जलाया जाएगा.

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इस बार बने विशाल रावण को आतंकवाद के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है, जिसपर लिखा है, 'आतंकवाद का नाश हो.' रामलीला समिति के लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यहां आने का सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है. लेकिन इनका रावण हमेशा सियासती होता है. यूपीए के समय घोटालों का रावण जलाया गया था. उसके बाद जब लव जिहाद पर राजनीति हो रही थी जब लव जिहाद का रावण जलाया गया था और अब जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो आतंकवाद का रावण जलाया जा रहा है.

मोदी के लिए सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम हैं. रामलीला मैदान को सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा, जिसे 3 बजे के बाद खोला जाएगा. मैदान के अंदर कम लोग जा सकेंगे. बाकी जनता के लिए शहर में एलईडी वैंस होंगी जिनसे वे मोदी को देख और उनका भाषण सुन सकेंगे. मोदी की सहूलियत के लिए कुंभकर्ण वध की लीला दशहरे के एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएगी. मोदी यहां भगवान राम की आरती करेंगे, उसके बाद उनका भाषण होगा.



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