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2002 दंगों के वक्त थे गृहमंत्री, बाद में बन गए थे PM मोदी के आलोचक, BJP के खिलाफ लड़ा था चुनाव, अब बने UP भाजपा प्रभारी

साल 2002 के गुजरात दंगो के दौरान झड़ापिया गुजरात में गृह मंत्री थे, उस वक्त उन पर आरोप लगे थे कि सांप्रदायिक दंगें रोकने के लिए उन्होंने कठोर कदम नहीं उठाए.

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2002 दंगों के वक्त थे गृहमंत्री, बाद में बन गए थे PM मोदी के आलोचक, BJP के खिलाफ लड़ा था चुनाव, अब बने UP भाजपा प्रभारी

भाजपा नेता गोवर्धन झड़ापिया.

खास बातें

  1. 2002 दंगों के वक्त थे गुजरात के गृह मंत्री
  2. 2007 में भाजपा छोड़, बना ली थी खुद की पार्टी
  3. भाजपा के खिलाफ ही लड़ा था चुनाव
नई दिल्ली:

2002 गुजरात दंगों (2002 Gujarat Riot) के दौरान वहां के गृहमंत्री रहे गोवर्धन झड़ापिया (Gordhan Zadaphia) की राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री हुई है. गुजरात में ताकतवर नेता गोवर्धन झड़ापिया एक समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra) के आलोचक रहे हैं, अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है. साल 2002 के गुजरात दंगो के दौरान झड़ापिया गुजरात में गृह मंत्री थे, उस वक्त उन पर आरोप लगे थे कि सांप्रदायिक दंगें रोकने के लिए उन्होंने कठोर कदम नहीं उठाए. इस हिंसा में करीब 1000 मुस्लिम मारे गए थे. 

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इसके बाद गुजरात के तत्तकालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पद से हटा दिया था. बाद में झड़ापिया नरेंद्र मोदी के कट्टर आलोचक बन गए थे. उन्होंने साल 2007 में भाजपा से इस्तीफा देकर अपनी पार्टी बना ली थी. इतना ही नहीं, झड़ापिया ने भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इसके बाद उन्होंने नरेंद्र मोदी के एक अन्य आलोचक केशुभाई पटेल से हाथ मिलाया लिया था और उनकी पार्टी में अपनी पार्टी का विलय कर दिया था. साल 2014 में उन्होंने भाजपा का दोबारा दामन थाम लिया था.

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विश्व हिंदू परिषद से प्रवीण तोगड़िया के जाने के बाद झड़ापिया वापस भाजपा नेतृत्व के करीब आने में कामयाब रहे. ताकतवर पटेल नेता झड़ापिया की हार्दिक पटेल का मामला संभालने में काफी भूमिका बताई जा रही है. झड़ापिया पहले विश्व हिंदू परिषद में थे और उन्हें कभी ताकतवर नेता रहे प्रवीण तोगड़िया के काफी करीबी माना जाता था.

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बता दें, भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर 17 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इसकी घोषणा बुधवार को की है. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरुण सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्वतंत्र देव सिंह और सतीश उपाध्याय, राजस्थान में प्रकाश जावड़ेकर और सुधांशु त्रिवेदी और छत्तीसगढ़ में डॉ. अनिल जैन चुनाव प्रभारी बनाए गए हैं.

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इसके अलावा चंडीगढ़ और पंजाब में कैप्टन अभिमन्यु, उत्तर प्रदेश में नरोत्तम मिश्रा, गोवर्धन झड़ापिया, दुष्यंत गौतम, उत्तराखंड में थावरचंद गहलोत, ओडिशा में अरुण सिंह, नगालैंड और मणिपुर में नलिन कोहली, झारखंड में मंगल पांडे, हिमाचल प्रदेश में तीर्थ सिंह रावत, गुजरात में ओमप्रकाश माथुर, छत्तीसगढ़ में अनिल जैन, असम में महेंद्र सिंह, आंध्रप्रदेश में वी मुरलीधरन, सुनील देवधर और बिहार में भूपेंद्र यादव चुनाव प्रभारी बनाए गए हैं.

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