पीएम मोदी की कविताएं अब मलयाली में भी, काव्य संग्रह का विमोचन हुआ

मोदी की चुनिंदा कविताओं के संग्रह ‘आंख आ धन्य छे’ के मलयाली संस्करण का तिरुवनंतपुरम में हुआ विमोचन

पीएम मोदी की कविताएं अब मलयाली में भी, काव्य संग्रह का विमोचन हुआ

पीएम मोदी की कविताओं के मलयाली संस्करण का विमोचन तिरुवनंतपुरम में किया गया.

खास बातें

  • मूल रूप से गुजराती में लिखी गई हैं कविताएं
  • काव्य संग्रह में शामिल हैं 67 कविताएं
  • प्रस्तावना में लिखा- मैं अपने गुजरात से प्रेम करता हूं, यह मेरी आत्मा है
तिरुवनंतपुरम:

अब केरल के लोग भी पीएम नरेंद्र मोदी के साहित्य कौशल से रूबरू हो सकेंगे. उनकी चुनिंदा कविताओं का संग्रह ‘आंख आ धन्य छे’ के मलयाली संस्करण का सोमवार को तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम में विमोचन किया गया.

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मोदी ने इसे मूल रूप से अपनी मातृभाषा गुजराती में लिखा है. किताब में 67 कविताओं का संग्रह है. किताब की प्रस्तावना में मोदी ने लिखा है ‘‘ मैं अपने गुजरात से प्रेम करता हूं, यह मेरी आत्मा है.’’

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किताब का विमोचन करते हुए केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के रूप में देश को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो देश के धर्म और संस्कृति से गहरे से जुड़े हैं.
(इनपुट भाषा से)