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''पहली बार सरदार सरोवर बांध को पूरा भरा हुआ देखा, एक समय था जब...'', पढ़ें पीएम मोदी की 10 खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर गृहराज्य गुजरात के केवड़िया में जनसभा को संबोधित किया.

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गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर गृहराज्य गुजरात के केवड़िया में जनसभा को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि वह सरदार सरोवर परियोजना को सफल बनाने के लिए काम करने वाले लाखों लोगों का आभार व्यक्त करते हैं. पीएम मोदी ने नर्मदा जिले में स्थित सरदार सरोवर बांध का जायजा लिया, जिसका जलस्तर 138.68 मीटर हो गया है. दो साल पहले बने इस बांध का जलस्तर क्षमता के अनुसार पहली बार सबसे ऊंचा हुआ है. प्रधानमंत्री के आगमन के मौके पर समूचे बांध को बिजली के रंग-बिरंगे बल्बों से सजाया गया है. इसके अलावा भाजपा भी समूचे सप्ताह 'सेवा सपथ' का आयोजन किया, जिसमें पार्टी प्रमुख अमित शाह सहित प्रत्येक भाजपा सदस्य भाग लिया.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
  1. आज के दिन मां नर्मदा के दर्शन का अवसर मिलना, पूजा-अर्चना का अवसर मिलना, मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है.
  2. किसी समय मुझे फोटोग्राफी का शौक हुआ करता था, बाद में काम की व्यस्तता के कारण सब छूट गया. आज मेरा मन कर रहा था कि अच्छा होता अगर मेरे हाथ में आज कैमरा होता. ऊपर से जो मैं दृश्य देख रहा हूं उसमें आगे जनसागर है और पीछे जल सागर है.
  3. हमारी संस्कृति के अनुसार पर्यावरण की रक्षा करते हुए भी विकास हो सकता है. प्रकृति हमारे लिए आराध्य है, प्रकृति हमारा आभूषण है.
  4. पर्यावरण को संरक्षित करते हुए कैसे विकास किया जा सकता है, इसका जीवंत उदाहरण केवड़िया में देखने को मिल रहा है. केवडिया में प्रगति, प्रकृति, पर्यावरण और पर्यटन का अद्धभुत संगम हो रहा है.
  5. आज एक तरफ सरदार सरोवर बांध है, बिजली उत्पादन के यंत्र हैं तो दूसरी तरफ एकता नर्सरी, बटर-फ्लाई गार्डन जैसी इको-टूरिज्म से जुड़ी सुंदर व्यवस्थाएं हैं. इन सबके बीच सरदार पटेल जी की भव्य प्रतिमा हमें आशीर्वाद देती नजर आ रही है.
  6. आज निर्माण और सृजन के देवता विश्वकर्मा जी की जयंती है. नए भारत के निर्माण के जिस संकल्प को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसमें भगवान विश्वकर्मा जैसी सृजनशीलता और बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की इच्छाशक्ति बहुत आवश्यक है.
  7. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो सरदार सरोवर बांध और सरदार साहब की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, दोनों ही उनकी इच्छाशक्ति और संकल्पशक्ति के प्रतीक है. मुझे विश्वास है कि उनकी प्रेरणा से हम नए भारत से जुड़े हर संकल्प को सिद्ध करेंगे और हर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे.
  8. हमने पहली बार सरदार सरोवर बांध को पूरा भरा हुआ देखा है. एक समय था जब 122 मीटर के लक्ष्य तक पहुंचना ही बड़ी बात थी. लेकिन 5 वर्ष के भीतर 138 मीटर तक सरदार सरोवर का भर जाना, अद्भुत और अविस्मरणीय है.
  9. गुजरात में हो रहे सफल प्रयोगों और जन भागीदारी से जुड़े कार्यों को हमें आगे बढ़ाना है. गुजरात के गांव-गांव में जो साथी इस प्रकार के अभियान से दशकों से जुड़े हैं, ऐसे साथियों से मैं आग्रह करुंगा कि वो पूरे देश से अपने अनुभवों को साझा करें.
  10. मुझे याद है कि वर्ष 2000 में राजकोट, सुरेंद्रनगर और जामनगर में पानी पहुंचाने के लिए भारत के इतिहास में पहली बार पानी के लिए स्पेशल वॉटर ट्रेन चलानी पड़ी थी. आज जब उन पुराने दिनों को याद करते हैं तो लगता है कि आज गुजरात कितना आगे निकल आया है.



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