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मन की बात में बोले पीएम मोदी, क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में बढ़े युवाओं की रुचि

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मन की बात में बोले पीएम मोदी, क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में बढ़े युवाओं की रुचि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर अपने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के जरिए अपने विचार साझा किए। यह 'मन की बात' का 18वां प्रसारण है। पेश है पीएम मोदी के मन की बात के मुख्‍य अंश...

- मन की बात में पीएम मोदी ने सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं दी
- पीएम मोदी ने कहा, 'भारत में क्रिकेट की तरह अब फुटबॉल, हॉकी, टेनिस और कबड्डी का एक मूड बनता जा रहा है।
- अगले वर्ष 2017 में भारत फीफा अंडर 17 विश्व कप की मेज़बानी करने जा रहा है।
- फीफा में हमारी रैंकिंग इतनी नीचे है कि मेरी बोलने की हिम्मत ही नहीं हो रही है।
- मेरा हर नौजवान FIFA2017 U-17 विश्व कप का ऐम्बैसडर बने।
- हम सब की कोशिश है कि फुटबाल को गांव.गांव, गली.गली तक पहुंचाया जाए।
- जो काम टूरिस्ट डिपार्टमेंट, कल्चर डिपार्टमेंट नहीं कर सकते, वो काम देश के करोड़ों प्रवासियों ने कर दिया।
- जब मुख्यमंत्री नहीं था, प्रधानमंत्री नहीं था और आप ही की तरह छोटी उम्र थी, मैंने बहुत भ्रमण किया, शायद हिन्दुस्तान का कोई जिला नहीं होगा, जहां मुझे जाने का अवसर न मिला हो।
- ज़िन्दगी को बनाने के लिए प्रवास की एक बहुत बड़ी ताक़त होती है और अब भारत के युवकों में, प्रवास में साहस जुड़ता चला जा रहा है।
- हमारा युवा साहसिक हो, जहां कभी पैर नहीं रखा है, वहां पैर रखने का उसका मन होना चाहिए।
- नागपुर के पास सावनेर में इको फ्रेंडली माइन टूरिज्‍म सर्किट का विकास करने के लिए कोल इंडिया को एक विशेष बधाई।
- आप भी एक टूरिस्ट होने के नाते टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर स्वच्छता पर आप बल दे सकते हैं।
- आप अपनी छुट्टियों का समय अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए, अपने पास कोई एक नये हुनर के लिए, अपने कौशल-विकास के लिए अवश्य करें।
- महादेवी वर्मा ने पक्षियों के लिए लिखा था – तुझको दूर न जाने देंगे, दानों से आंगन भर देंगे और हौद में भर देंगे हम, मीठा-मीठा ठंडा पानी।
उन्होंने कहा है कि हमारे पास दूध बेचने वाले, अख़बार बेचने वाले, पोस्‍टमैन आते हैं। क्या कभी हमने उनको पानी के लिए पूछा है?
- बात छोटी होती है, लेकिन गर्मी के बीच अगर पोस्‍टमैन घर के पास आया और हमने पानी पिलाया, कितना अच्छा लगेगा उसको।
- कुछ लोगों को लगता है कि डिजिटल इंडिया शहरी नौजवानों की दुनिया है। जी नहीं, ‘किसान सुविधा ऐप’ आप सब की सेवा में प्रस्तुत है।
- ‘किसान सुविधा ऐप’ के माध्यम से कृषि सम्बन्धी, मौसम सम्बन्धी जानकारियां हथेली में ही मिल जाएंगी। इस ऐप को डाउनलोड करें।
- हमें भी सोचना होगा कि पानी के बिना क्या होगा? क्या हम पुरानी जगहों को फिर से खुदाई, सफ़ाई करके जल-संचय के लिये तैयार कर सकते हैं?
- बारिश में बूंद-बूंद पानी कैसे बचाएं। गांव का पानी गांव में रहे, ये अभियान कैसे चलाएं। आप योजना बनाइए, सरकार की योजनाओं से जुड़िए।
- कृषि क्षेत्र में टेक्‍नोलॉजी आई है, बदलाव आया है,लेकिन अभी खेतों तक उसे पहुंचाना है, किसान कहने लगा है कि अब फर्टिलाइजर कम करना है।
- अधिक फर्टिलाइजर के दुरुपयोग ने हमारी धरती मां को बीमार कर दिया है।
- इस बार 5 लाख तालाब, खेत-तालाब बनाने का बीड़ा उठाया है। मनरेगा से भी जल-संचय के लिए ऐसेट क्रिएट करने की तरफ बल दिया है।
- हर चीज़ संतुलित होनी चाहिये। हमारा तो मत है- कम कॉस्‍ट, ज्‍यादा आउटपुट। वैज्ञानिक तौर-तरीकों से हमें कृषि को आगे बढ़ाना चाहिए।
- 2014 में भारत में क़रीब साढ़े छः करोड़ डायबिटीज के मरीज थे। 3% मृत्यु का कारण कहते हैं कि डायबिटीज पाया गया।
- 7 अप्रैल को वर्ल्‍ड हेल्‍थ डे है। इस बार वर्ल्‍ड हेल्‍थ डे को ‘Week Beat Diabetes’ थीम पर केन्द्रित किया है। क्या हम 7 तारीख से कुछ प्रेरणा लेकर अपने निजी जीवन में डायबिटीज को परास्त करने के लिए कुछ कर सकते हैं क्या?
- हम सब जानते हैं कि हमारी जीवनशैली उसके लिए सबसे बड़ा कारण है। शारीरिक श्रम कम हो रहा है।
- योग में रुचि है, तो योग कीजिए, दौड़ने-चलने के लिए जाइए। अगर देश का नागरिक स्वस्थ होगा, तो मेरा भारत भी स्वस्थ होगा।
- 24 मार्च को दुनिया ने टीबी डे मनाया। दुनिया की तुलना में टीबी के मरीजों की संख्या हमारे यहां बहुत है।




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