भारत को तेज़ विकास के पथ पर लौटाने के लिए, 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए '5-आई' ज़रूरी : PM नरेंद्र मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोनावायरस से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने के साथ हमें अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाना है.

भारत को तेज़ विकास के पथ पर लौटाने के लिए, 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए '5-आई' ज़रूरी : PM नरेंद्र मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें

CII की 125वीं सालगिरह पर PM Modi ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर दिया जोर (फाइल फोटो)

खास बातें

  • आयात को कम करने, मेड इन इंडिया पर भी फोकस : मोदी
  • मैं यकीन से कह सकता हूं कि देश वृद्धि के रास्ते पर लौटेगा- प्रधानमंत्री
  • आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 चीजें बहुत ज़रूरी
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए अर्थव्यवस्था और भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया है. साथ ही आयात को कम करने और मेड इन इंडिया पर भी फोकस किया. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने के साथ हमें अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाना है. मुझे भारत की क्षमता, प्रतिभा और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पर भरोसा है. मुझे किसानों, एमएसएमई और उद्योग दिग्गजों पर भरोसा है. इसलिए मैं यकीन से कह सकता हूं कि देश वृद्धि के रास्ते पर लौटेगा. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को फिर से तेज विकास के पथ पर लाने के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 चीजें बहुत ज़रूरी हैं. Intent, Inclusion, Investment, Infrastructure और Innovation. हाल में जो बड़े फैसले लिए गए हैं, उसमें भी आपको इन सभी की झलक मिल जाएगी. हमारे लिए सुधार कोई random या scattered decisions नहीं हैं. हमारे लिए सुधार प्रणालीगत, नियोजित, एकीकृत, एक-दूसरे से जुड़े हुए और भविष्य की प्रक्रिया. हमारे लिए सुधार का मतलब है फैसले लेने का साहस करना. 

उन्होंने कहा कि अब देश के रणनीतिक क्षेत्रों में भी निजी कंपनियों की भागीदारी एक हकीकत बन रही है. आप चाहे स्पेस सेक्टर में निवेश करना चाहें, परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसरों को तलाशना चाहें, संभावनाएं आपके लिए पूरी तरह से खुली हुई हैं. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के समय में जब किसी देश के लिए दूसरे देश की मदद करना मुश्किल है, भारत ने 150 से ज्यादा देशों को मेडिकल सप्लाई भेजकर मानवीय मदद की है. 

प्रधानमंत्री ने सीआईआई को विश्वास दिलाते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है. 'गेटिंग ग्रोथ बैक' इतना मुश्किल भी नहीं है. सबसे बड़ी बात कि अब आपके पास, भारतीय उद्योग जगत के पास, एक स्पष्ट रास्ता है. आत्मनिर्भर भारत का रास्ता. उन्होंने कहा कि अब जरूरत है कि देश में ऐसे उत्पाद बनें जो  मेड इन इंडिया (Made in India) हों, पूरी दुनिया के लिए (Made for the World) हों. कैसे देश के आयात को कम किया जा सकता है, इसे लेकर क्या नए लक्ष्य तय किए जा सकते हैं? हमें तमाम सेक्टर्स में उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपने लक्ष्य तय करने ही होंगे.

पीएम मोदी ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) पर जोर देते हुए कहा कि MSME यूनिट्स देश के ग्रोथ इंजन की तरह है. हमने एमएसएमई की परिभाषा को स्पष्ट किया, जिसकी लंबी समय से मांग की जा रही थी. हम निवेश और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.

भारतीय उद्योगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मैं बहुत गर्व से कहूंगा कि सिर्फ 3 महीने के भीतर ही PPE की सैकड़ों करोड़ की इंडस्ट्री आपने ही खड़ी की है. भारत एक दिन में 3 लाख पीपीई किट बना रहा है. तीन महीने पहले एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी." पीएम मोदी ने सीआईआई के 125 साल पूरे उन्हें पर संगठन और उससे जुड़े लोगों को बधाई दी है.

प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन ऐसे समय हुआ, जब लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील के साथ ही कंपनियां परिचालन शुरू करने लगी हैं और कारखाने खुलने लगे हैं. विभिन्न रेटिंग एजेंसियों और अर्थशास्त्रियों ने कोविड-19 संकट और लॉकडाउन के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद में भारी गिरावट का अनुमान लगाया है.  

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वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये होने वाला यह कार्यक्रम सीआईआई की स्थापना के 125 साल पूरा होने का भी अवसर है. उद्योग संगठन की स्थापना 1895 में हुई थी. सीआईआई के 125वें वार्षिक सत्र की मुख्य विषय वस्तु ‘गेटिंग ग्रोथ बैक' यानी वृद्धि की राह पर लौटना है.  

वीडियो: विकास के पथ पर लौटने के लिए PM मोदी ने दिया 5-I का मंत्र

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