नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वाला तैयार करना है : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020' (Smart India Hackathon 2020) के ग्रैंड फिनाले को संबोधित किया. इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत भी की.

नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वाला तैयार करना है : PM मोदी

'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन' में PM मोदी ने छात्रों को किया संबोधन- फाइल फोटो

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सरकार द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वालों को तैयार करना है और देश में शिक्षा शिक्षा के प्रयोजन और विषय-वस्तु में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं. ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथन' के फिनाले को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में घोषित नई शिक्षा नीति-2020 में अंतर-विषय अध्ययन पर जोर दिया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र जो सीखना चाहता है पूरा ध्यान उसी पर हो. उन्होंने छात्रों से कहा कि गरीबों को बेहतर जीवन देने के लिए ‘जीवन की सुगमता' का लक्ष्य हासिल करने में युवा वर्ग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. 

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गौरतलब है कि हैकाथन के बारे में प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट किया था, ‘‘स्मार्ट इंडिया हैकाथन विचार करने और कुछ नया करने के एक जीवंत मंच के रूप में उभरा है। स्वाभाविक रूप से, इस बार हमारे युवा अपने नवाचारों में कोविड के बाद की दुनिया के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे होंगे.''

स्मार्ट इंडिया हैकाथन के 2017 में हुए पहले संस्करण में 42,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया था. यह संख्या 2018 में बढ़कर एक लाख और 2019 में बढ़कर दो लाख हो गई थी. स्मार्ट इंडिया हैकाथन 2020 के पहले दौर में साढ़े चार लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया.

मंत्रालय के बयान अनुसार, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 के पहले संस्करण में 42,000 छात्रों की भागीदारी थी, जो 2018 में बढ़कर 1 लाख और 2019 में 2 लाख के पार हो गई. 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020' के पहले दौर में 4.5 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया. इसमें कहा गया है कि इस वर्ष सॉफ्टवेयर संस्करण का ग्रैंड फिनाले पूरे देश में सभी प्रतिभागियों को एक विशेष रूप से निर्मित उन्नत प्लेटफॉर्म पर एक साथ जोड़कर ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है. 37 केंद्रीय सरकारी विभागों, 17 राज्य सरकारों और 20 उद्योगों की 243 समस्याओं को हल करने के लिए 10,000 से अधिक छात्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं.

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वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने शनिवार को कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन आत्मनिर्भर भारत, दैनिक जीवन एवं गांव की समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं को एक मंच प्रदान करता है और इससे वे पिछले वर्षो में लाभाकारी चीजों को बाजार में लाने में सफल रहे हैं.

रमेश पोखरियाल निशंक ने 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020' के ग्रैंड फिनाले के सॉफ्टवेयर एडिशन की शुरूआत करते हुए यह बात कही. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की शुरूआत की है और आत्मनिर्भर भारत गांव से शुरू होता है. उन्होंने कहा, 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में बच्चों के विचार और अनुसंधान मूल रूप से गांव की समस्याओं पर केंद्रित हैं. ये ऐसे विचार हैं जो आत्मनिर्भर भारत और गांव की समस्याओं के समाधान का रास्ता प्रदान करते हैं.' (इनपुट भाषा से भी)



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)