NDTV Khabar

'नरेंद्र मोदी ऐप' का इस्तेमाल नहीं करने पर पीएम मोदी ने सांसदों को दे दिया ये नया टास्क

सांसदों से कहा गया है कि वो 11 जनवरी तक नये टास्क पर जवाब दें.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
'नरेंद्र मोदी ऐप' का इस्तेमाल नहीं करने पर पीएम मोदी ने सांसदों को दे दिया ये नया टास्क

पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. पीएम मोदी ने कहा था कि सांसद नरेंद्र मोदी ऐप का इस्तेमाल नहीं करते.
  2. पीएम ने सांसदों को अब नई जिम्मेदारी दी है.
  3. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम मोदी ने दिया ये नया टास्क.
नई दिल्ली:

कल यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी सांसदों को नरेंद्र मोदी ऐप का इस्तेमाल न करने पर टोका था. आज सांसदों को नई जिम्मेदारी दे दी गई. सांसदों का नरेंद्र मोदी ऐप पर अब एक सर्वे कराया जा रहा है. इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं का सांसदों के क्षेत्र में असर का आकलन करने को कहा गया है. सांसदों से कहा गया है कि वो 11 जनवरी तक इसका जवाब दें.
 
इस सर्वे में सांसदों से केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में कई सवाल पूछे गए हैं. इस पूरी कवायद का मकसद दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सांसदों को तैयार करना तथा सरकारी योजनाओं के बारे में जमीनी फीडबैक लेना है.
 
यह भी पढ़ें - संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी बोले, कई सांसद नहीं देते मेरे गुड मॉर्निंग का जवाब

सांसदों से सबसे पहला सवाल पूछा जा रहा है कि केंद्र सरकार की किस योजना का जमीन पर सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है. सांसदों को चार योजनाओं के विकल्प सुझाए गए हैं. साथ ही, वो इनमें से कोई अलग योजना का नाम भी बता सकते हैं. जिन चार योजनाओं का विकल्प दिया गया है वो हैं मुद्रा योजना Mudra), उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना और जन धन योजना.
 
इसके बाद सांसदों से पूछा गया कि उनके संसदीय क्षेत्रों में इन योजनाओं का किस तरह का असर वो महसूस करते हैं. इसके लिए चार विकल्प दिए गए हैं- बहुत अच्छा, अच्छा, सुधार की गुंजाइश और बुरा. फिर सांसदों से इन योजनाओं के लाभार्थियों के बारे में जानकारी पूछी गई है. सरकार की अपेक्षा है कि सांसद लाभार्थियों से संपर्क रखें ताकि चुनाव के समय उनकी राय का इस्तेमाल हो सके. इसके लिए सवाल पूछा गया है कि क्या आप योजनाओं के लाभार्थियों से मिल कर या एसएमएस/ईमेल के जरिए संपर्क करते हैं? सांसदों को हां या नहीं में जवाब देना है.
 
यह भी पढ़ें - ट्विटर पर सबसे ज़्यादा ट्रेंड हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात'


एक अन्य महत्वपूर्ण पक्ष इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जनता की राय के बारे में है. सांसदों से पूछा गया है कि क्या वे लोगों की राय लेकर पार्टी तक पहुंचाते हैं? क्या उन्होंने इसके लिए कोई तरीका ईजाद किया है? सांसदों को इसका ब्यौरा देने के लिए कहा गया है.
 
सर्वे का अंतिम प्रश्न नरेंद्र मोदी ऐप के बारे में है. सांसदों से पूछा गया है कि क्या आपको नरें मोदी ऐप पर सरकार द्वारा उठाए जा रहे सकारात्मक कदमों के बारे में पर्याप्त सामग्री मिल जाती है? सांसदों को इसका जवाब हां या नहीं में देना है.
 
यह भी पढ़ें - नोएडा में PM मोदी का काफिला भटक गया था रास्ता, दो पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड

टिप्पणियां

बीजेपी नेताओं का कहना है कि नरेंद्र मोदी ऐप के अब तक एक करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं. सरकार और जनता के बीच संपर्क के लिए यह एक बड़ा माध्यम है. इसीलिए सांसदों को इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है.

VIDEO: कई सांसद नहीं देते मेरे गुड मॉर्निंग का जवाब: पीएम मोदी



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement