पीएम ने कहा MSP की व्यवस्था जारी रहेगी, कांग्रेस नेता बोले 'इनका आदर्श वाक्य असत्यमेव जयते'

"सभापति का तानाशाहीपूर्ण रवैया सदन की भावना का ख्याल नहीं रखना चाहता, जो कि सत्र को निर्धारित 1 बजे से आगे बढ़ाने का है, जिसके कारण अव्यवस्था हुई. ठ

पीएम ने कहा MSP की व्यवस्था जारी रहेगी, कांग्रेस नेता बोले 'इनका आदर्श वाक्य असत्यमेव जयते'

नई दिल्ली:

कृषि क्षेत्र से जुड़े दो विधेयक (Farm Bills) रविवार को राज्य सभा में भी पास हो गए. राज्यसभा में जोरदार हंगामे के बीच कृषि विधेयक ध्वनि मत (Voice Vote) से पास हुए. इस दौरान, विपक्षी पार्टी के सांसदों ने 'तानाशाही बंद करो' के नारे भी लगाए. विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते एक बार 10 मिनट के लिए राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा. हंगामे के बीच इन विधेयकों के पास होने को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सदन कार्यवाही और उप सभापति के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि इस विधेयक को बिना मतदान के हंगामे के बीच पारित करवाने की क्या जल्दी थी?

इसके अलावा जयराम रमेश ने इस बिल के पास होने के बाद पीएम मोदी के ट्वीट, 'एमएसपी की व्यवस्था जारी रहेगी' पर का भी मजाक उड़ाया. पीएम के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, "यह एक ऐसे व्यक्ति से जिसका आदर्श वाक्य अस्तिमेव जयते है. ये प्रावधान जबरन थौंपे गए विधेयकों में क्यों नहीं थे? राज्यों और किसानों से परामर्श क्यों नहीं किया गया? जब किसान विरोध कर रहे हैं तो लाभ पाने के लिए कौन खड़ा है?

इसके अलावा जयराम रमेश ने ट्वीट कर सदन की कार्यवाही के दौरान अहम बिदुंओ को लेकर सवाल खड़े किए हैं. अपने पहले ट्वीट में कांग्रेस नेता ने लिखा, "सभापति का तानाशाहीपूर्ण रवैया सदन की भावना का ख्याल नहीं रखना चाहता, जो कि सत्र को निर्धारित 1 बजे से आगे बढ़ाने का है, जिसके कारण अव्यवस्था हुई. किसान विरोधी विधेयकों को बिना मतदान के दिन में पारित कर दिया गया. ऐसी जल्दी क्यों थी? किसके आदेश पर?"

कांग्रेस नेता ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, "भाजपा सहित सभी दलों ने राज्यसभा में 2 कृषि विधेयकों पर 4 घंटे की चर्चा के लिए सहमति व्यक्त की थी. यह लगभग 45 मिनट तक सरकार के फ्लोर मैनेजमेंट द्वारा एकतरफा कटौती की गई. आज दोपहर संसद में अराजकता के लिए यही शुरुआती बिंदु था. "

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जयराम रमेश ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "राज्यसभा के उपाध्यक्ष लंबे समय से मेरे बहुत करीबी मित्र हैं. जुलाई 2017 तक वह पीएम के कटु आलोचक थे, जब तक कि उनकी पार्टी ने बिहार में महागठबंधन नहीं छोड़ा था. लेकिन उसके बाद से वह एक महत्वपूर्ण स्थान पर बिना विचार वाली रबरस्टैंप बन गए हैं. बहुत दुख की बात है. "

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कांग्रेस नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा के साथ हुए व्यवहार पर ऐतराज जताते हुए लिखा, "राज्य सभा में आज देवेगौड़ा जी के साथ जो हुआ, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य था और वास्तव में भयानक था ... उपसभापति का उनके साथ व्यवहार बहुत बहुत अशिष्ट था.'

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लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ कृषि बिल