वन रैंक-वन पेंशन: पूर्व सैनिकों को नई आस, पीएम ने फौजियों से कहा, दस दिन के लिए अनशन तोड़ें

वन रैंक-वन पेंशन: पूर्व सैनिकों को नई आस, पीएम ने फौजियों से कहा, दस दिन के लिए अनशन तोड़ें

नई दिल्‍ली:

वन रैंक-वन पेंशन के लिए जंतर-मंतर आंदोलन कर रहे पूर्व सैनिकों के लिए नई आस बंधी है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनशनरत पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे दस दिन तक अपना अनशन तोड़ दें।

दरअसल, जंतर-मंतर पर पूर्व सैनिक वन रैंक-वन पेंशन लागू किए जाने की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल पर बैठे हैं। पीएम के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने आज जंतर-मंतर पहुंचकर अनशन पर बैठे पूर्व सैनिकों से मुलाकात की और उन तक पीएम का संदेश पहुंचाया।

मिश्रा ने अनशन कर रहे पूर्व फौजियों से कहा, पीएम वन रैंक-वन पेंशन के मसले पर गहराई से विचार कर रहे हैं। फ़िलहाल आप दस दिन तक अपने अनशन को स्‍थगित करें, ताकि इस संदर्भ में कोई निर्णय लिया जा सके।

उल्‍लेखनीय है कि वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर पूर्व सैनिक कर्नल पुष्पेन्दर सिंह और हवलदार मेजर सिंह आमरण अनशन पर बैठे थे। इसके बाद कई अन्‍य पूर्व फौजी भी हड़ताल पर बैठ गए।

इस मसले पर तीनों सेनाओं के 10 पूर्व प्रमुखों ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुली चिट्ठी लिखकर कि वे 14 अगस्त को जंतर-मंतर पर पूर्व सैनिकों के साथ हुए खराब बर्ताव से आहत हैं।

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पूर्व सैनिकों को इस मुद्दे पर बीते 15 अगस्‍त को भी निराशा हाथ लगी, जब पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वन रैंक-वन पेंशन जारी करने का कोई ऐलान नहीं किया। उन्‍होंने कहा, सरकार पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' के मुद्दे पर अभी किसी समाधान पर नहीं पहुंची है,  लेकिन उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार ने सिद्धांतत: इसे स्वीकार कर लिया है।