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करतारपुर कॉरिडोर में सहयोग के लिए पाकिस्तान के PM का शुक्रिया: PM नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करतारपुर गलियारे के रास्ते पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले 500 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित किया.

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करतारपुर कॉरिडोर में सहयोग के लिए पाकिस्तान के PM का शुक्रिया: PM नरेंद्र मोदी

डेरा बाबा नानक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को किया संबोधित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करतारपुर गलियारे के रास्ते पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले 500 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित किया. डेरा बाबा नानक में PM मोदी ने कहा, ''ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं. जैसी अनुभूति आप सभी को ‘कार सेवा’ के समय होती है, वही मुझे इस वक्त हो रही है. मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. करतारपुर कॉरिडोर में सहयोग के लिए पाकिस्तान के PM का शुक्रिया.''
पीएम मोदी के भाषण की 10 खास बातें-
  1. गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश-उत्सव से पहले, इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खुलना, हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है. इस कॉरिडोर के बनने के बाद, अब गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन आसान हो जाएंगे.
  2. गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं. गुरु नानक देव एक गुरु होने के साथ-साथ एक विचार हैं, जीवन का आधार हैं. अपनी यात्राओं का मकसद, गुरु नानक देव जी ने ही बताया था. बाबे आखिआ, नाथ जी, सचु चंद्रमा कूडु अंधारा!! कूडु अमावसि बरतिआ, हउं भालण चढिया संसारा!!
  3. उन्होंने सीख दी है कि सच्चाई और ईमानदारी से किए गए विकास से हमेशा तरक्की और समृद्धि के रास्ते खुलते हैं. उन्होंने सीख दी है कि धन तो आता जाता रहेगा पर सच्चे मूल्य हमेशा रहते हैं.
  4. कहते हैं शब्द हमेशा ऊर्जा बनकर वातावरण में विद्यमान रहते हैं. करतारपुर से मिली गुरुवाणी की ऊर्जा, सिर्फ हमारे सिख भाई-बहनों को ही नहीं बल्कि हर भारतवासी को अपना आशीर्वाद देगी.
  5. करतारपुर में ही उन्होंने प्रकृति के गुणों का गायन किया था. उन्होंने कहा था- “पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरति महतु”!!! यानि हवा को गुरु मानो, पानी को पिता और धरती को माता के बराबर महत्व दो.
  6. बीते एक साल से देश और विदेश में कीर्तन, कथा, प्रभात फेरी, लंगर, जैसे आयोजनों के माध्यम से गुरु नानक देव की सीख का प्रचार किया जा रहा है. इससे पहले गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाशोत्सव को भी इसी तरह भव्यता के साथ पूरी दुनिया में मनाया गया था.
  7. सुल्तानपुर लोधी को हैरिटेज टाउन बनाने का काम चल रहा है. हैरिजेट कॉम्प्लैक्स हो, म्यूजियम हो, ऑडिटोरियम हो, ऐसे अनेक काम यहां या तो पूरे हो चुके हैं या फिर जल्द पूरे होने वाले हैं.
  8. केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसका लाभ दुनियाभर में बसे अनेक सिख परिवारों को हुआ है. कई सालों से, कुछ लोगों को भारत में आने पर जो दिक्कत थी, अब उन दिक्कतों को दूर कर दिया गया है.
  9. हमारी गुरु परंपरा, संत परंपरा, ऋषि परंपरा, ने अलग-अलग कालखंड में, अपने-अपने हिसाब से चुनौतियों से निपटने के रास्ते सुझाए हैं. उनके रास्ते जितने तब सार्थक थे, उतने ही आज भी अहम हैं. राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय चेतना के प्रति हर संत, हर गुरु का आग्रह रहा है.
  10. आइए, इस अहम और पवित्र पड़ाव पर हम संकल्प लें कि गुरु नानक जी के वचनों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे. हम समाज के भीतर सद्भाव पैदा करने के लिए हर कोशिश करेंगे.



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