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प्रदूषण पर राजनीति तेज, मंगलवार को लोकसभा में होगी इसपर चर्चा

बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सांसदों ने फिर भी एक-दूसरे पर निशाना साधा. कुछ ने जलेबी का ज़िक्र किया, सुपर मैन और स्पाइडरमैन तक का भी.

नई दिल्‍ली:

मंगलवार को प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के विषय पर लोकसभा में नियम 193 के तहत बहस होगी. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और बीजद सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे. सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन भारत के पर्यावरण मंत्री इलेक्ट्रिक कार से संसद पहुंचे. कुछ सांसद साइकल से मास्क पहनकर, सभी ने अपने-अपने तरीके से मैसेज देने की कोशिश की. लेकिन बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सांसदों ने फिर भी एक-दूसरे पर निशाना साधा. कुछ ने जलेबी का ज़िक्र किया, सुपर मैन और स्पाइडरमैन तक का भी. साफ है, पिछले हफ्ते 4 दिन तक ज़हरीली हवा और संसदीय समिति की बैठक से पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर की गैर-मौजूदी को लेकर जो राजनीतिक टकराव हुआ वो संसद के शीत सत्र के पहले दिन भी जारी रहा.

गौतम गंभीर ने 'आप' के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गयी क्योंकि उन्होंने 'आप' के उम्मीदवार को चुनाव में हराया था. गंभीर ने कहा, "अगर मेरे जलेबी खाने से दिल्‍ली का प्रदूषण बढ़ा है तो मैं हमेशा के लिए जलेबी खाना छोड़ सकता हूं. 10 मिनट में मुझे ट्रोल करना शुरू कर दिया, अगर इतनी मेहनत दिल्‍ली के प्रदूषण को कम करने में की होती तो हम सांस ले पाते.'

जबकि 'आप' नेता संजय सिंह ने दावा किया कि केजरीवाल सरकार की कोशिशों की वजह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर घटा है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वो केजरीवाल सरकार की कोशिशों को बाधित करने की कोशिश कर रही है. संजय सिंह ने एनडीटीवी से कहा, "हम हवाओं पर रोक नहीं लगा सकते. केजरीवाल कोई स्‍पाइडरमैन या सुपरमैन नहीं है कि पराली के धुएं पर रोक लगा देंगे. बीजेपी ने दिल्‍ली में प्रदूषण रोकने की केजरीवाल सरकार की कोशिश में बाधा पहुंचाने की कोशिश की. बीजेपी की मानसिकता प्रदूषित हो चुकी है. केजरीवाल सरकार की कोशिश की वजह से 10 अक्‍टूबर तक दिल्‍ली में प्रदूषण 25 फीसदी तक कम हुआ. पराली रोकने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की जिम्‍मेदारी केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार की है.'

उधर इस विवाद और राजनीति के बीच पर्यावरण सचिव सी के मिश्रा ने दिल्ली और आस-पास के राज्यों के बड़े अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर हालात की समीक्षा की. ये तय किया गया है कि सरकारी एजेंसियां अगले 15 दिन प्रदूषण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करेंगी. इस पहल में भारत सरकार के साथ-साथ पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की सरकारें भी शामिल होंगी. पर्यावरण सचिव ने माना कि कोशिशों के बावजूद पंजाब में पिछले साल के मुकाबले इस साल पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है जबकि हरियाणा में थोड़ी कमी आयी है.