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मध्यप्रदेश में EVM के बाद अब पोस्टल बैलेट की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, होमगार्ड कैंटीन में लावारिस हालत में मिले 

भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के होमगार्ड कैंटीन में 71 पोस्टल बैलेट (Postal Ballet) लावारिस हालत में मिले हैं. मामले के सामने आने के तुरंत बाद ही एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है.

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मध्यप्रदेश में EVM के बाद अब पोस्टल बैलेट की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, होमगार्ड कैंटीन में लावारिस हालत में मिले 

भोपाल की कैंटीन में मिले पोस्टल बैलेट

खास बातें

  1. मामले में तीन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
  2. होमगार्ड की कैंटीन में मिले पोस्टल बैलेट
  3. पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Election) के बाद जहां EVM की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे वहीं अब पोस्टल बैलेट से जुड़ी लापरवाही का मामला भी सामने आया है. दरअसल, भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के होमगार्ड कैंटीन में 71 पोस्टल बैलेट (Postal ballot ) लावारिस हालत में मिले हैं. मामले के सामने आने के तुरंत बाद ही एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है. जबकि दो सिपाहियों के खिलाफ कलेक्टर ने कार्रवाई के लिए होमगार्ड डीजी को पत्र लिखा है. इन तीनों पुलिसकर्मियों पर गोपनीयता भंग करने का आरोप है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार इन तीनों पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी थी कि वह इन पोस्टल बैलेट (Postal ballot ) को पोस्टमैन से लेने के बाद सुरक्षित स्थान पर रखें. उन्होंने इस मामले में लापरवाही दिखाते हुए इसे कैंटीन में रख दिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि जो पोस्टल बैलेट (Postal ballot )कैंटीन से मिले हैं उनमें से तीन के मतों को निरस्त कर दिया गया है. जबकि 71 पोस्टल बैलेट बिना उपयोग के निकले हैं.

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बता दें कि मंगलवार को पोस्टल बैलेट के खुले में पड़े मिलने की सूचना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया था. बता दें कि कुछ समय पहले ही चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है कि भोपाल के जिस स्ट्रांग रूम में मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम मशीनें रखी गई थीं वहां अचानक बिजली जाने की वजह से सीसीटीवी कैमरे करीब 1 घंटे तक बंद रहे. इसकी वजह से सब कुछ ठप पड़ गया. आयोग ने यह भी कहा है कि सागर में मतदान समाप्त होने के 2 दिनों बाद ईवीएम मशीनों को जमा करने के मामले में एक अधिकारी पर कार्रवाई की गई थी. आपको बता दें कि भोपाल और सागर का मामला सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे थे.

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चुनाव आयोग के बयान के मुताबिक ''भोपाल के कलेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार 30 नवंबर को बिजली कटने की वजह से स्ट्रांग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे और एलईडी डिस्पले सुबह 8:19 से 9:35 तक बंद रहे. इसकी वजह से रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई. बाद में एक अतिरिक्त एलईडी स्क्रीन, इनवर्टर और जेनरेटर की व्यवस्था की गई''.चुनाव आयोग के मुताबिक 'अब सारे कैमरे काम कर रहे हैं और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी. सुरक्षाकर्मी लॉग बुक भी मेंटेन कर रहे हैं और मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं'. आयोग ने ओल्ड जेल के स्ट्रांग रूम का एक दरवाजा खुला रहने की कांग्रेस की शिकायत का संज्ञान लेते हुए कहा है कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद ही इसको बंद करवा दिया गया.

VIDEO: कांग्रेस ने ईवीएम से छेड़छाड़ का लगाया आरोप.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईवीएम मशीनों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला था. आपको बता दें कि एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के खुरई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव समाप्त होने के 48 घंटे बाद ईवीएम मशीनों के सागर पहुंचने की खबर आई थी. इसके बाद कांग्रेस के नेताओं ने जमकर हंगामा किया था और ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. इस मामले में नायब तहसीलदार राजेश मेहरा को निलंबित कर दिया गया है. राजेश मेहरा खुरई में बतौर सहायक रिटर्निंग ऑफिसर तैनात थे.   


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