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प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- सरकार और एलआईसी मिलकर बढ़ाएंगे IDBI बैंक की पूंजी, देंगे 9 हजार करोड़ रुपये

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने आईडीबीआई बैंक की पूंजी बढ़ाने के लिए 9 हजार करोड़ रुपये देने की योजना बनाई है.

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प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- सरकार और एलआईसी मिलकर बढ़ाएंगे IDBI बैंक की पूंजी, देंगे 9 हजार करोड़ रुपये

प्रकाश जावड़ेकर

खास बातें

  1. सरकार और एलआईसी मिलकर बढ़ाएंगे IDBI बैंक की पूंजी: जावड़ेकर
  2. आईडीबीआई बैंक की पूंजी बढ़ाने के लिए 9 हजार करोड़ रुपये देने की योजना
  3. सरकार और एलआईसी आईडीबीआई की पूंजी बढ़ाने के लिए फंड की व्यवस्था करेगी
नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि सरकार ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) की पूंजी बढ़ाने के लिए 9 हजार करोड़ रुपये देने की योजना बनाई है. सरकार और एलआईसी, आईडीबीआई की पूंजी बढ़ाने के लिए फंड की व्यवस्था करेगी. इसमें 4743 करोड़ एलआईसी देगी और 4557 करोड़ रुपए सरकार देगी.' जावड़ेकर ने कहा, 'एलआईसी और आईडीबीआई के साथ आने से दोनों को फायदा मिला है.' जावड़ेकर ने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार बैंकों को मजबूत बनाने के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. जावड़ेकर ने कहा कि इससे आईडीबीआई बैंक का कायाकल्प करने की प्रक्रिया पूरी होगी. इससे बैंक वापस लाभ में आने के साथ ही सामान्य तौर पर कर्ज वितरण का कार्य कर सकेगा. वहीं सरकार को उपयुक्त समय पर अपना निवेश वापस लेने का विकल्प भी इसमें होगा.

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उल्लेखनीय है कि आईडीबीआई बैंक में एलआईसी ने अपनी हिस्सेदारी जनवरी में बढ़ाकर 51 प्रतिशत कर दी. इसके बाद बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत से घटकर 46.46 प्रतिशत पर आ गयी. एलआईसी बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ नियंत्रक भागीदार बन गया. पूंजी डालने के बाद आईडीबीआई बैंक खुद धन जुटाने में सक्षम होगा. इससे उसके अगले साल तक भारतीय रिजर्व बैंक के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के दायरे से बाहर आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘‘पूंजी डालने का यह काम एकदम नकदी रहित होगा. यह पूंजी पुनर्पूंजीकरण बॉन्‍ड के जरिये डाली जायेगी. सरकार बैंक में पूंजी डालेगी और बैंक उसी दिन उस पूंजी से सरकार के पुनर्पूंजीकरण बांड की खरीदारी करेंगे. इसका तरलता और चालू वर्ष के बजट पर भी कोई असर नहीं होगा.''

आईडीबीआई बैंक में एक बारगी पूंजी डालने की जरूरत है ताकि उसके पुराने फंसे हुए कर्ज के हिसाब-किताब को साफ सुथरा किया जा सके. जून 2018 में इसका शुद्ध फंसा कर्ज 18.8 प्रतिशत था जो जून 2019 में घटकर आठ प्रतिशत रह गया है. इसके लिए पूंजी शेयरधारकों से आएगी. एलआईसी की इसमें 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है और बीमा नियामक उसे इससे अधिक की अनुमति नहीं देता है. पिछले साल अगस्त में मंत्रिमंडल ने बैंक में नियंत्रक हिस्सेदारी एलआईसी को बेचने की अनुमति दी थी. आईडीबीआई बैंक की देशभर में 800 शाखाएं और करीब डेढ़ करोड़ खुदरा ग्राहक हैं. बैंक के कर्मचारियों की संख्या 18,000 है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध घाटा 3,801 करोड़ रुपये रहा. यह 2018-19 की अप्रैल-जून तिमाही में 2,410 करोड़ रुपये था.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए जावड़ेकर ने कहा, 'हमे पूरा विश्वास है कि अर्थव्यवस्था जरूर सुधरेगी. जब मनमोहन सिंह पीएम थे तो हम 11वें नंबर पर थे, आज हम अर्थव्यवस्था के मामले में 5वें स्थान पर हैं और हमारा लक्ष्य तीसरा स्थान पाना है.'

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(इनपुट भाषा से...)



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