प्रशांत किशोर बोले- लालू यादव के राज से तुलना बंद करें नीतीश, गरीब राज्य को अमीर बनाने का जिम्मा किसका? 10 बड़ी बातें

नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी JDU से निष्कासित होने के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी.

प्रशांत किशोर बोले- लालू यादव के राज से तुलना बंद करें नीतीश, गरीब राज्य को अमीर बनाने का जिम्मा किसका? 10 बड़ी बातें

प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार हैं.

पटना: नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर बीते दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के बीच तल्खी बढ़ी, तो किशोर को JDU से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. JDU से निष्कासित होने के बाद प्रशांत किशोर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार को पितातुल्य मानते हैं. नीतीश ने उन्हें बेटे की तरह रखा था. वह उनकी पार्टी में थे और उनके फैसले का सम्मान करते हैं और इसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. किशोर ने मुख्यमंत्री से मतभेद पर कहा, 'नीतीश जी से मतभेद के दो कारण रहे हैं, एक- सैद्धांतिक, आप गोडसे को मानने वाले लोगों के साथ खड़े हैं. दूसरा- जदयू और नीतीश कुमार की गठबंधन में पोजिशन को लेकर.'

प्रशांत किशोर की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें

  1. प्रशांत किशोर ने कहा, 'नीतीश जी से मेरे संबंध विशुद्ध राजनीतिक रहे हैं. मैं उनके फैसले (पार्टी से निकाले जाने पर) का सम्मान करता हूं. मैंने न उनके खिलाफ कभी बोला है और न कभी बोलूंगा. नीतीश जी के लिए मेरा सम्मान हमेशा था और रहेगा.'

  2. 'मेरा नीतीश जी से कुछ मुद्दों पर मतभेद रहा है. नीतीश जी कहते हैं कि वह गांधी, लोहिया और जेपी के विचारों को मानते हैं तो फिर गोडसे को मानने वाले लोगों के साथ कैसे रह सकते हैं.'

  3. 'बीजेपी के साथ नीतीश जी का संबंध कोई नया नहीं है. 2004 से लेकर आज तक JDU का रुतबा काफी घटा है. नीतीश जी कहते हैं कि राजनीति में थोड़ा समझौता करना पड़ता है. मैं कहता हूं कि अगर बिहार का विकास हो रहा है तो झुकने में कोई हर्ज नहीं है.'

  4. 'मैं उनसे पूछता हूं कि क्या अभी तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला है. पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय तक का दर्जा नहीं मिला है. मैं मानता हूं कि बिहार का विकास हुआ है लेकिन बिहार विकास के कई मानकों पर आज भी दूसरे राज्यों के मुकाबले काफी पिछड़ा हुआ है.'

  5. 'नीतीश जी ने बिहार में साइकिल और पोशाक बांटी लेकिन बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता नहीं सुधारी. आज बिजली के क्षेत्र में भी बिहार आत्मनिर्भर नहीं हो सका है. मानव विकास सूचकांक में भी बिहार काफी पिछड़ा हुआ है.'

  6. 'बिहार के लोग दूसरे राज्यों में काम करने के लिए क्यों जाते हैं क्योंकि यहां रोजगार नहीं है. कभी सूरत के लोग बिहार में काम करने क्यों नहीं आते. गुजरात के लोगों को सिखाने वाले लोग बिहार से ही हैं. हमारा राज्य मूर्ख लोगों का राज्य नहीं है. टेक्नोलॉजी सीखना गलत बात नहीं है.'

  7. 'अगर आप लोग कहते हैं कि हम गरीब राज्य हैं तो इसे अमीर बनाने का जिम्मा किसके पास है. आप लोग 15 साल से राज्य चला रहे हैं और फिर भी बिहार का यही हाल है. 20 मार्च तक 10 लाख युवा हमारे साथ जुड़ेंगे.'

  8. 'नीतीश कुमार जी आप गांधी और गोडसे को एक साथ लेकर कैसे चल सकते हैं. हम बिहार के लोग एक सशक्त नेता चाहते हैं जो किसी का पिछलग्गू न बने. अगले 100 दिन में मैं हर गांव और हर पंचायत में जाऊंगा. सबको बताऊंगा कि अगले 10 साल में बिहार कैसे आगे बढ़ेगा.'

  9. 'नीतीश कुमार हर बार लालू प्रसाद यादव के राज से अपनी तुलना करते हैं. वह यह तुलना करना बंद करें और बताएं कि महाराष्ट्र, कर्नाटक व अन्य राज्यों की तुलना में बिहार कहां खड़ा है.'

  10. 'नीतीश कुमार पहले बिहार की शान थे, बिहार के लोगों के नेता थे. बिहार का मुख्यमंत्री यहां के लोगों का नेता है, आन-शान है, कोई मैनेजर नहीं है. कोई दूसरी पार्टी का नेता नहीं बताएगा कि वह हमारे नेता हैं.'



 
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