बिहार: सरकारी दावों की पोल खोलती फोटो, बाढ़ के बीच गर्भवती महिला को जुगाड़ की नाव से पहुंचाना पड़ा अस्‍पताल

बाढ़ के पानी के बीच घिरी एक गर्भवती महिला (Hospital) को अस्पताल ले जाने का जब कोई साधन नहीं मिला तो परिवारवालों ने 'जुगाड़ टेक्नोलॉजी' से नाव बनाई और किसी तरह गांव से अस्पताल पहुंचाया.

बिहार: सरकारी दावों की पोल खोलती फोटो, बाढ़ के बीच गर्भवती महिला को जुगाड़ की नाव से पहुंचाना पड़ा अस्‍पताल

घरों तक बाढ़ का पानी भरने के कारण गर्भवती महिला को जुगाड़ की नाव से अस्‍पताल तक पहुंचाना पड़ा

दरभंगा:

Flood in Bihar: उत्तर बिहार (North Bihar) में बाढ़ (Flood) का कहर जारी है. इस दौरान शासन व्यवस्था के विकास के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है केवटी प्रखंड के असराहा गांव की गर्भवती महिला को जुगाड़ वाले नाव से ले जाने वाली यह तस्‍वीर. दरभंगा में बाढ़ के पानी के बीच दर्द से कराहती एक गर्भवती महिला (Pregnant woman) की ऐसी तस्वीर सामने आई है जो शासन-सत्ता के लंबे-चौड़े दावों का सच सामने लाती है.

दरअसल बाढ़ के पानी के बीच घिरी एक गर्भवती महिला (Hospital) को अस्पताल ले जाने का जब कोई साधन नहीं मिला तो परिवारवालों ने 'जुगाड़ टेक्नोलॉजी' से नाव बनाई और किसी तरह गांव से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया फिर डॉक्टरों ने महिला का तत्काल इलाज़ किया. यह मामला दरभंगा के केवटी प्रखंड के असराहा गांव का है. जहां पूरे इलाके में बाढ़ का पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. गांव की सड़कों पर पानी आ जाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसी दौरान आठ माह की गर्भवती महिला रुखसाना परवीन को अचानक पेट में तेज़ दर्द शुरू हो गया. बाढ़ के पानी में घिरे होने के कारण सड़क डूब चुकी थी. कमरभर से ज्यादा पानी होने के कारण घर से निकलना मुश्किल था.


जुगाड़ की नाव से पहुंचे अस्पताल
इस मुश्किल परिस्थिति के बीच मजबूर घरवालों ने जुगाड़ टेक्नोलॉजी से गाड़ियों के ट्यूब की नाव बनाई. इसके ऊपर लकड़ी डालकर गर्भवती महिला और उसकी मां को बिठाकर कई युवक जुगाड़ की इस नाव को धक्‍का देते हुए घर से निकाल कर बाहर लाए. इसके बाद मुख्य सड़क पर आये और फिर ऑटो पकड़कर महिला को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवटी पहुचाया गया जहां महिला का इलाज़ किया गया.

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ज़िला प्रशासन ने गांव लौटने के समय एसडीआरएफ़ के नाव का इंतज़ाम किया

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गर्भवती महिला की मां कनीजा खातून ने बताया कि बाढ़ का पानी उनके घर तक पहुंच चुका है. बेटी की तबीयत बिगड़ी तो किसी तरह ट्यूब के सहारे बाढ़ की पानी पार कर अस्पताल आये और इलाज कराया है. लेकिन अब भी बेटी को दर्द हो ही रहा है. वही रेस्क्यू टीम में शामिल युवक साहिल अब्बासी ने कहा कि बाढ़ का समय है इसी बीच गर्भवती महिला को दर्द शुरू हो गया जिसके बाद केला के पेड़ पर ट्यूब के साथ तख्ता रख कर केवटी अस्पताल  लाये. पंचायत में एक नाव जिला प्रशासन से मिला है जिससे काफी असुविधा हो रही है. एक और नाव दी जाए, जिससे पंचायत के लोगों की परेशानी कम हो.