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राष्ट्रपति चुनाव : सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह की उपस्थिति में मीरा कुमार ने दाखिल किया नामांकन

इससे पहले राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद सहित 64 नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं.

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राष्ट्रपति चुनाव : सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह की उपस्थिति में मीरा कुमार ने दाखिल किया नामांकन

पूर्व लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार को विपक्ष ने राष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार बनाया है.(फाइल फोटो)

खास बातें

  1. बुधवार को पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख
  2. राजग उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद पहले ही कर चुके नामांकन
  3. 17 जुलाई को होना है राष्‍ट्रपति चुनाव
नई दिल्ली: राष्ट्रपति पद के लिए 17 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिये मीरा कुमार बुधवार को नामांकन दाखिल कर दिया है. बुधवार को ही नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है. इससे पहले राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद सहित 64 नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं. नामांकन भरते वक्‍त मीरा कुमार के साथ सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और 17 विपक्षी दलों के नेता मौजूद थे. मीरा कुमार ने नामांकन पत्र के चार सेट लोकसभा महासचिव के समक्ष दाखिल किया. राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा महासचिव निर्वाचन अधिकारी हैं. 17 विपक्षी दलों में से प्रत्येक के नेता को मीरा कुमार के नाम का प्रस्ताव या अनुमोदन करने का अवसर मिला. भले ही अभी तक 64 नामांकन भरे जा चुके है किन्तु वास्तविक उम्मीदवारों की संख्या 57 से कम है क्योंकि इनमें से कुछ ने कई नामांकन पत्र भरे हैं. एक उम्मीदवार अधिकतम चार पर्चे भर सकता है.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी एवं मुरली मनोहर जोशी सहित प्रमुख नेताओं ने बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद के नाम का प्रस्ताव किया था. कई केंद्रीय मंत्रियों और विधायकों ने 23 जून को अनुमोदन किया था. कुछ नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी ने मौके पर ही खारिज कर दिए थे क्योंकि उनके साथ 15 हजार रुपये की जमानत राशि नहीं थी और इस बात का प्रमाणपत्र नहीं था कि उम्मीदवार किसी लोकसभा क्षेत्र का प्रमाणित मतदाता है.

मीरा कुमार एवं कोविंद के अलावा अन्य लोगों के नामांकन पत्र 29 जून को खारिज होने के आसार हैं क्योंकि उनके नामांकन पत्रों में 50 प्रस्तावकों और इतने ही अनुमोदकों के हस्ताक्षर नहीं होंगे. लोकसभा एवं राज्यसभा तथा राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव एवं अनुमोदन कर सकते हैं क्योंकि वे ही आनुपातिक आधार पर राष्ट्रपति का निर्वाचन करते हैं.
 


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