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राष्ट्रपति चुनाव : मीरा कुमार को मिल सकता है आम आदमी पार्टी का समर्थन

राष्ट्रपति चुनाव में दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (आप) का स्पष्ट झुकाव संप्रग उम्मीदवार मीरा कुमार की ओर दिख रहा है.

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राष्ट्रपति चुनाव : मीरा कुमार को मिल सकता है आम आदमी पार्टी का समर्थन

राष्ट्रपति पद के चुनाव हेतु गठित निवार्चक मंडल में आप के चार सांसद और 85 विधायक शामिल हैं.

खास बातें

  1. एनडीए ने बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाया है
  2. पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन की घोषणा नहीं की
  3. पार्टी के सांसद और विधायकों की नैसगर्कि पसंद मीरा कुमार हैं
नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा दरकिनार की गई दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (आप) का स्पष्ट झुकाव संप्रग उम्मीदवार मीरा कुमार की ओर दिख रहा है. एनडीए ने बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाया है. हालांकि चुनाव में कोविंद का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है.

पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति चुनाव में अपने समर्थन की घोषणा भले ही न की हो लेकिन कांग्रेस द्वारा इस कवायद में आप से दूरी बनाने के बावजूद उसके सांसद और विधायकों की नैसगर्कि पसंद मीरा कुमार हैं. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में आप के मतदाताओं की सैद्धांतिक तौर पर स्वाभाविक पसंद कोविंद नहीं हो सकते हैं.

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पसंद के उम्मीदवार कोविंद का समर्थन करने का सवाल ही नहीं उठता है. मीरा कुमार हमारी स्वाभाविक पसंद हो सकती हैं, हालांकि अभी इस बारे में पार्टी ने कोई आधिकारिक फैसला नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के सांसद और विधायकों को इस बात के संकेत दे दिये गये हैं कि आप सैद्धांतिक तौर पर कोविंद का विरोध करते हुये मीरा कुमार के पक्ष में खड़ी हो सकती है. सर्वसम्मति से उम्मीदवार के चयन के समय राजग और संप्रग ने आप से दूरी बना ली थी. इतना ही नहीं उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भी कोविंद और मीरा कुमार ने अब तक आप से समर्थन नहीं मांगा है.

राष्ट्रपति पद के चुनाव हेतु गठित निवार्चक मंडल में आप के चार सांसद और 85 विधायक शामिल हैं. इनके कुल मत का मूल्य 9000 है. आप नेताओं की दलील है कि राजनीतिक तौर पर पार्टी का कांग्रेस और भाजपा से समान विरोध है. पंजाब में कांग्रेस सत्ता में है और आप मुख्य विपक्षी दल है. जबकि दिल्ली में कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत आप ने ही किया था. लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में आप के लिए भाजपा के उम्मीदवार के बजाय कांग्रेस के उम्मीदवार का समर्थन करना सहज होगा.
(इनपुट भाषा से भी)

 


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