अमित शाह को गृह मंत्री बनाए जाने पर मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे ने ली चुटकी, कहा- गृह मंत्रालय का नाम बदलकर...

बीजेपी नेता अमित शाह (Amit Shah) को गृह मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के बेटे और कर्नाटक में मंत्री प्रियांक खड़गे ने निशाना साधा है.

अमित शाह को गृह मंत्री बनाए जाने पर मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे ने ली चुटकी, कहा- गृह मंत्रालय का नाम बदलकर...

खास बातें

  • प्रियांक खड़गे ने अमित शाह को गृह मंत्री बनाए जाने पर ली चुटकी
  • कहा- गृह मंत्रालय का नाम बदलकर रख दो मिनिस्ट्री ऑफ प्रोवाइडिंग क्लीन चिट
  • कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं प्रियांक खड़गे
नई दिल्ली:

बीजेपी नेता अमित शाह (Amit Shah) को गृह मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के बेटे और कर्नाटक में मंत्री प्रियांक खड़गे ने निशाना साधा है. उन्होंने शनिवार को 'होम मिनिस्ट्री' का नाम बदलकर 'मिनिस्ट्री ऑफ प्रोवाइडिंग क्लीन चिट' रखने का सुझाव दिया. कर्नाटक सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान तब सामने आया है जब हालही में अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया है और उन्हें नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने का पत्र दिया गया है. प्रियांक ने ट्वीट किया, 'अब हमारे पास नए गृह मंत्री हैं, मुझे लगता है कि बेहतर होगा कि मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स का नाम बदलकर 'मिनिस्ट्री ऑफ प्रोवाइडिंग क्लीन चिट' कर दिया जाए.'

गौरतलब है कि नए सरकार के गठन के बाद अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले राजनाथ सिंह इस पद को संभाल रहे थे. नई सरकार में राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री बनाया गया है. बता दें कि अमित शाह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. इस लिहाज से सरकार में उनकी भूमिका अब एक तरह से नंबर दो की होगी. अमित शाह के गृहमंत्री बनने के साथ ही उनकी प्राथमिकताओं को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है. खासकर जम्मू-कश्मीर में धारा-370 और आर्टिकल 35-ए पर सरकार का रुख देखने लायक होगा. 

ये भी पढ़ें: गृह मंत्री का पद संभालते ही अमित शाह से मिलने पहुंचे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक , अटकलें शुरू

लोगों की निगाहें इस बात पर होंगी कि बतौर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) इस मसले पर क्या रुख अपनाते हैं, क्योंकि वे लगातार इसको हटाने की बात करते हैं. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में इसी साल नवंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में उससे पहले धारा-370 और आर्टिकल 35-ए पर गृह मंत्रालय का रुख राज्य की सियासत में काफी उतार-चढ़ाव लाने वाला साबित हो सकता है. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com