सोनभद्र घटना के पीड़ितों से प्रियंका की मुलाकात को नकवी ने बताया राजनीतिक फोटोसेशन

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को शुक्रवार को सोनभद्र गोलीकांड के मामले को लेकर घटनास्थल के लिए रवाना हुई तो मिर्जापुर सीमा पर पुलिस ने उन्हें को रोक लिया था

सोनभद्र घटना के पीड़ितों से प्रियंका की मुलाकात को नकवी ने बताया राजनीतिक फोटोसेशन

मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रियंका गांधी पर सोनभद्र घटना पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

नई दिल्ली:

सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर मार दिए गए आदिवासियों के परिजनों से मुलाकात करने पहुंची प्रियंका पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने निशाना साधा है.  नकवी ने प्रियंका गांधी पर सोनभद्र की दुखद घटना पर राजनीति करने का आरोप लगाया और इस संबंध में कांग्रेस महासचिव के धरने को पीड़ित परिवारों की आड़ में ‘राजनीतिक फोटोसेशन' करार दिया. नकवी ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर जो कर रही हैं, वह एक ‘तय राजनीतिक पटकथा' का दूसरा हिस्सा है. इससे पहले उनके भाई राहुल गांधी भट्टा परसौल में ऐसा फोटेसेशन कर चुके हैं.

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि इन्होंने पहले भी किसानों की चारपाई और चौपाल को फोटोसेशन का सेट बनाया था. अब प्रियंका सोनभद्र की दुखद घटना पर राजनीति कर रही हैं.'

केवल मुस्लिम ही अल्पसंख्यक नहीं - NDTV से बोले केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी

उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर वह (प्रियंका) शोर मचा रही हैं, उस पर बिना समय गंवाये उत्तर प्रदेश सरकार, प्रशासन और पुलिस पहले ही कड़ी कार्रवाई कर चुकी है. इसके बावजूद जो कुछ हो रहा है, वह विशुद्ध रूप से ‘राजनीतिक फोटोसेशन' ही है. 

गौरतलब है कि शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र गोलीकांड के मामले को लेकर घटनास्थल के लिए रवाना हुई तो मिर्जापुर सीमा पर पुलिस ने उन्हें को रोक लिया था. इसके विरोध में प्रियंका गांधी वाहन से उतरकर सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं थी. इसके बाद उन्हें चुनार किले के गेस्ट हाउस लाया गया था.

मुख्तार अब्बास नकवी ने ट्विटर पर तस्वीर शेयर कर लिखा- बचा ले मौला-ए-राम, गठबंधन का क्या होगा अन्जाम

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

अल्पसंख्यकों को लेकर विपक्ष के आरोपों के संदर्भ में नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के अभियान चलाए गए लेकिन मोदी सरकार ''बिना भेदभाव और बिना तुष्टीकरण के विकास'' तथा ''सम्मान के साथ सशक्तिकरण'' के फार्मूले पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में भी 3.18 करोड़ अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक क्षेत्र में सशक्तिकरण के लिए छात्रवृत्ति दी और तालीम पर हमारा खासा जोर है.  (इनपुट-भाषा)

जनसंख्या विस्फोट को राष्ट्रीय बहस की जरूरत- मुख्तार अब्बास नकवी