जीएम सरसों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में किसानों के साथ खड़ी हुईं सियासी पार्टियां...

जीएम सरसों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में किसानों के साथ खड़ी हुईं सियासी पार्टियां...

प्रतीकात्‍मक फोटो

खास बातें

  • जीएम सरसों के हो चुके हैं फील्‍ड ट्रायल, अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी
  • कोर्ट में दायर याचिका के चलते इस पर नहीं हो सका है अंतिम फैसला
  • संघ परिवार से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी दिया प्रदर्शन को समर्थन
नई दिल्‍ली:

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जीएम सरसों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिये किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सियासी पार्टियां भी खड़ी हो गई हैं. जीएम सरसों के फील्ड ट्रायल हो चुके हैं और इसे आखिरी मंजूरी मिलना बाकी है लेकिन कोर्ट में दायर याचिका के चलते अभी इस पर आखिरी फैसला नहीं हो पाया है.

पर्यावरण मंत्री अनिल दवे ने NDTV इंडिया से कहा कि मामला अदालत में है और अभी वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे लेकिन संघ परिवार से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन को समर्थन दिया. जीएम सरसों के खिलाफ देश के कई राज्यों से आये प्रतिनिधि और किसान शामिल हुए.

इस प्रदर्शन में कांग्रेस के गौरव गोगोई और सीपीएम के हन्ननान मुल्ला के अलावा आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडे और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल शर्मा भी शामिल हुए. जीएम सरसों को लेकर प्रयोगशाला और खेतों में सभी प्रयोग हो चुके हैं. इसका विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि जीएम सरसों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी ने जो रिपोर्ट दी, उसे लेकर काफी विवाद हुआ और कहा गया कि प्रयोगों से जुड़े सारे तथ्य सामने नहीं रखे गये हैं. इस बीच ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

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लेकिन मंगलवार को हुये प्रदर्शन से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी दिखाई दी. विपक्ष के साथ-साथ संघ परिवार से जुड़े संगठनों के खुलकर जीएम सरसों के विरोध में आने से आने वाले दिनों में जीएम सरसों को लेकर लड़ाई दिलचस्प हो गई है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)