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पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारुक समेत पांच अलगाववादी नेताओं की वापस ली सुरक्षा

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यह कदम पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Attack) के बाद उठाया है. पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ (CRPF) के एक काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें इस अर्धसैनिक बल के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हुए थे.

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खास बातें

  1. मीरवाइज उमर फारूक की सुरक्षा वापस
  2. चार और नेताओं के खिलाफ भी कदम
  3. पुलवामा हमले के बाद फैसला
श्रीनगर:

Pulwama Terror Attack: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारूक (Mirwaiz Umar Farooq)समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है. अधिकारियों ने बताया कि मीरवाइज के अलावा, अब्दुल गनी भट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी एवं शबीर शाह को दी गई सुरक्षा वापस ले ली गई है. हालांकि, आदेश में पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी का जिक्र नहीं है.

साथ ही अधिकारियों ने बताया कि आदेश के मुताबिक अलगाववादियों को दी गई सुरक्षा एवं उपलब्ध कराए गए वाहन रविवार शाम तक वापस ले लिए जाएंगे. किसी भी बहाने से उन्हें या किसी भी अलगाववादी नेता को सुरक्षा या सुरक्षाकर्मी नहीं मुहैया कराए जाएंगे. अगर सरकार ने उन्हें किसी तरह की सुविधा दी है तो वह भी भविष्य में वापस ले ली जाएगी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को श्रीनगर दौरे पर कहा था कि पाकिस्तान एवं उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई से निधि प्राप्त करने वाले लोगों को दी गई सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी. 

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए कायराना आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए सिंह ने कहा था, 'जम्मू-कश्मीर में कुछ ऐसे तत्व हैं जिनके संपर्क आईएसआई एवं आतंकवादी संगठनों से है. उनको दी गई सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी.' जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यह कदम पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Attack) के बाद उठाया है. पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ (CRPF)के एक काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें इस अर्धसैनिक बल के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हुए थे. 


इसके अलावा हमले के बाद अब भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने के लिए काम शुरू कर दिया है. पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने शनिवार को एक और कड़ा कदम उठाते हुये पाकिस्तान से आयातित होने वाले सभी सामानों पर सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया. पाकिस्‍तान से एमएफएन का दर्जा वापस लिये जाने के बाद वहां से आयात होने वाली सभी वस्‍तुओं पर 200 फीसदी का सीमा शुल्‍क तत्‍काल रूप से लागू हो गया है. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने दी है. 

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा कि ‘पुलवामा की घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से व्यापार के लिहाज से सबसे तरजीही देश का दर्जा वापस ले लिया है. इसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात किए जाने वाले सभी तरह के सामान पर सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया गया है.'

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सीमाशुल्क बढ़ने से पाकिस्तान से भारत को किया जाने वाले निर्यात पर काफी बुरा असर पड़ेगा. वर्ष 2017-18 में पाकिस्तान से भारत को 3,482.3 करोड़ रुपये यानी 48.85 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पुलवामा की घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से व्यापार के लिहाज से सबसे तरजीही देश का दर्जा वापस ले लिया है. इसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात किए जाने वाले सभी तरह के सामान पर सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया गया है.''

(इनपुट- पीटीआई)

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