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पुलवामा हमले के बाद बोले मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय: कश्मीर से जुड़ी हर चीज का करें बहिष्कार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने हर तरह के कश्मीरी सामान के बहिष्कार करने की अपील की है.

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पुलवामा हमले के बाद बोले मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय: कश्मीर से जुड़ी हर चीज का करें बहिष्कार
नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने एक रिटायर्ड कर्नल के सुझाव पर सहमति जताई है, जिसमें हर तरह के कश्मीरी सामान के बहिष्कार करने की अपील की की गई है. खुद को हिंदूवादी चिंतक बताने वाले मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने कहा कि एक रिटायर्ड कर्नल ने सुझाव दिया है कि हमें हर तरह के कश्मीरी सामानों का बहिष्कार करना चाहिए. इतना ही नहीं, हमें कश्मीर भी नहीं जाना चाहिए और मैं भी इससे सहमत होना चाहता हूं.

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राज्यपाल तथागत रॉय ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक रिटायर्ड कर्नल के अनुरोध को लिखा, जिसके मुताबिक- 'भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल की एक अपील: कश्मीर का दौरा न करें, अगले 2 वर्षों के लिए अमरनाथ न जाएं. कश्मीरी या कश्मीरी ट्रेडमैन के सामान न खरीदेंस, जो हर सर्दियों में आते हैं. हर तरह के कश्मीरी चीजों का बहिष्कार करें. मैं इससे सहमत होना चाहता हूं. '


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उन्होंने एक और ट्वीट किया और लिखा कि 'रिटायर्ड कर्लन के सुझाव से सहमति जताने पर मीडिया और अन्य जगहों पर काफी कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है. मगर जिस तरह से 35. लाख कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला गया और हमारे सैकड़ों जवानों को मारा गया, उस पर यह पूरी तरह से अहिंसक प्रतिक्रिया है. ' 

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उन्होंने एक और ट्वीट किया कि 'पाकिस्तान की सेना (जो कश्मीरी अलगाववादियों को निर्देश देती है)  1971 में पूर्वी पाकिस्तान में थी. वहां पाकिस्तानी सैनिकों ने राइट और लेफ्ट बलात्कार और हत्याएं की. वह भारत की पिटाई से बचने के लिए ईपी रखा था. मैं यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि हम उतनी दूर जाएं. लेकिन कम से कम कुछ दूरी?.'

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दरअसल, गुरुवार यानी 14 फरवरी को सीआरपीएफ का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. इस काफिले में करीब 78 गाड़ियां थीं और 2500 जवान शामिल थे. उसी दौरान बाईं ओर से ओवरटेक कर विस्फोटक से लदी एक कार आई और उसने सीआरपीएफ की बस में टक्कर मार दी. आतंकवादी ने जिस कार से टक्कर मारी थी, उसमें करीब 60 किलो विस्फोटक थे. इसकी वजह से विस्फोट इतना घातक हुआ कि इसमें 40 जवान शहीद हो गए. 

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