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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी से पूछा- क्या हो अगर आपका नाम कोई गोधरा से जोड़े

हालांकि कैप्टन अमरिंदर ने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के उस बयान पर भी असहमति जताई है जिसमें वह सिख दंगों को लेकर कह रहे हैं जो हुआ वह हुआ. कैप्टन अमरिंदर ने कहा, ' 1984 का दंगा एक बड़ी दुखद घटना थी, इसके पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है.

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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी से पूछा- क्या हो अगर आपका नाम कोई गोधरा से जोड़े

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो).

खास बातें

  1. कैप्टन ने सैम पित्रोदा से भी जताई असहमति
  2. कहा- पीड़ितों को नहीं मिला अभी तक न्याय
  3. पीएम मोदी पर साधा निशाना
नई दिल्ली:

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह  ने कहा है कि यह बिलकुल गलत है कि सिख दंगों से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जोड़ा जाए. कैप्टन अमरिंदर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'क्या हो अगर आपका नाम अगर गोधरा से जोड़ा जाए? गौरतलब है कि बीजेपी ने ट्वीटर पर राजीव गांधी के भाषण का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह कह रहे हैं कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. उनके इस बयान को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख दंगों से जोड़कर देखा जाता रहा है. इस दंगे में तीन हजार सिखों की मौत हो गई थी. हालांकि कैप्टन अमरिंदर ने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के उस बयान पर भी असहमति जताई है जिसमें वह सिख दंगों को लेकर कह रहे हैं जो हुआ वह हुआ. कैप्टन अमरिंदर ने कहा, ' 1984 का दंगा एक बड़ी दुखद घटना थी, इसके पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है. अगर कोई नेता इसमें शामिल रहा है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. कैप्टन अमरिंदर का यह बयान एक प्रेस रिलीज में जारी किया गया है.

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कैप्टन अमरिंदर ने कहा, 'कुछ नेताओं इसमें शामिल हो सकते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पीएम मोदी इसमें वह राजीव गांधी या कांग्रेस के ऊपर दोष मढ़ने लगें.' उन्होंने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि कई बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं का नाम भी एफआईआर में दर्ज है.'

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रतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूरे देश में सिख दंगा भड़क गया था जिसमें 3000 सिखों की मौत हो गई थी. कांग्रेस के ऊपर आरोप लगता है इसने अपनी पार्टी को नेताओं को बचाया जो दंगा भड़काने के आरोपी हैं. वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह गोधरा कांड का जिक्र किया है जिसमें साबरमती एक्सप्रेस में सवार 59 कारसेवकों को जलाकर मार दिया जाता है जिसके बाद पूरे गुजरात में दंगे भड़क जाते हैं और तीन दिन में 1 हजार लोगों की मौत हो जाती है. मृतकों में ज्यादातर मुस्लिम थे. पीएम मोदी उस समय गुजरात के सीएम थे. 
 

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1984 में सिखों के खिलाफ हिंसा पर बयान देकर फंसे कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा?​



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