कोरोना महामारी के दौरान बतौर पायलट देश सेवा में जुटीं फुटबॉलर गौरमांगी सिंह की पत्नी

एक फ्लाइट उड़ाने के लिये तीन बार कोरोना टेस्ट से गुजरना होता है. रवानगी से पहले, आगमन पर और फिर पांच दिन के बाद.

कोरोना महामारी के दौरान बतौर पायलट देश सेवा में जुटीं फुटबॉलर गौरमांगी सिंह की पत्नी

प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली :

कोरोना वायरस महामारी के बीच दुनिया के अलग अलग हिस्सों से भारतीयों को स्वदेश लाने में जुटी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की पायलट कमांडर पुष्पांजलि पोत्सांगबाम पिछले चार महीने से अपने पति मशहूर फुटबॉलर गौरमांगी सिंह से मिल नहीं सकी हैं, लेकिन उन्हें इसका मलाल नहीं है. दिल्ली में रहने वाली एयर इंडिया की पायलट पुष्पांजलि सरकार के 'वंदे भारत अभियान' के तहत दुनिया के अलग अलग देशों में फंसे भारतीयों को लाने में जुटी है.

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गौरमांगी ने कहा, 'जब आपका अपना कोई देश के लिए कुछ कर रहा है तो अच्छा लगता है. खासकर ऐसे समय में. यह काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन अगर मैं कहूं कि चिंता नहीं होती तो यह झूठ होगा.' पुष्पांजलि पिछले 11 साल से एयर इंडिया में काम कर रही है. जल्द ही दिल्ली आने वाले गौरमांगी ने कहा, 'पिछले सप्ताह वह लागोस में थी. वह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सेक्टर में ही सेवारत है.'

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एक फ्लाइट उड़ाने के लिये तीन बार कोरोना टेस्ट से गुजरना होता है. रवानगी से पहले, आगमन पर और फिर पांच दिन के बाद. गौरमांगी ने कहा, 'यह काफी तनावपूर्ण है, क्योंकि हमेशा डर लगा रहता है. मेरी पत्नी और उसके तमाम सहकर्मियों को सलाम जो डॉक्टरों और नर्सों की तरह मोर्चे पर डटे हुए हैं.' उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी ही हालात सामान्य होंगे और खेल गतिविधियां बहाल होंगी.  



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)