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राफेल डील: सूत्रों के हवाले से- मनमोहन सिंह सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने फ्रांस से की सस्ती डील

अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के तहत सरकार प्राइस से जुड़े सारे डीटेल्स सार्वजनिक नहीं कर सकती है. लेकिन, सूत्रों का कहना है कि सरकार ने यूपीए की तुलना में सस्ती डील की है.

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राफेल डील: सूत्रों के हवाले से- मनमोहन सिंह सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने फ्रांस से की सस्ती डील

रफाल लड़ाकू विमान (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. राफेल डील यूपीए के कार्यकाल से चली आ रही थी
  2. यूपीए से सस्ती की एनडीए ने डील : सूत्र
  3. कांग्रेस ने उठाए हैं सवाल.
नई दिल्ली: राफेल डील को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला किया है. खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार से इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने को कहा है. इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने पूरी डील में भ्रष्टाचार की बू आने की बात कही है.

अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि दो तरफ़ा युद्ध के ख़तरे के बीच वायुसेना को 42 स्क्वाड्रन की ज़रूरत है. जबकि अभी सिर्फ 33 स्क्वाड्रन्स ही मौजूद हैं. वायुसेना की एक फाइटर स्क्वैड्रन में अमूमन 18 से 20 विमान होते हैं. दो मोर्चों पर मज़बूत रहने के लिए वायुसेना को 42 स्क्वैड्रन्स की दरकार है, पुराने लड़ाकू विमानों के रिटायर होने के कारण 2027 तक विमानों की संख्या और घटेगी. इसलिए फ्रांस से 59000 करोड़ रुपये में 36 राफेल फाइटर लड़ाकू विमानों का सौदा किया गया है. 

अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के तहत सरकार प्राइस से जुड़े सारे डीटेल्स सार्वजनिक नहीं कर सकती है. लेकिन, सूत्रों का कहना है कि सरकार ने यूपीए की तुलना में सस्ती डील की है.

पढ़ें : राफेल सौदे ने भारत को पाकिस्तान पर बढ़त दे दी है : पर्रिकर

उल्लेखनीय है कि राफेल विमान सौदे को लेकर मोदी सरकार पर कांग्रेस ने न सिर्फ हमला बोला है, बल्कि घोटाले का आरोप भी लगाया है. कांग्रेस ने मंगलवार को एनडीए सरकार पर राफेल लड़ाकू विमान सौदा कर राष्ट्रीय हित एवं सुरक्षा के साथ सौदा करने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें घोटाले की बू आ रही है क्योंकि सौदे के लिए बातचीत में कोई पारदर्शिता नहीं है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सौदे को लेकर ट्वीट के जरिये सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘अति गोपनीय ( वितरण के लिए नहीं). आरएम ( रक्षा मंत्री) कहती हैं कि प्रत्येक राफेल विमान के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘भरोसेमंद’ मित्र के बीच हुई बातचीत एक राजकीय गोपनीयता है.’ राहुल ने कहा, ‘एक्शन प्वाइंट. मूल्य के बारे में संसद को सूचित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा. जो भी पूछे, उसे राष्ट्र विरोधी घोषित कर दो.’ कांग्रेस अध्यक्ष ने इस ट्वीट पर हैशटैग दिया ‘बड़ा राफेल रहस्य.’ 

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आज इसी मुद्दे पर संवाददाताओं से कहा कि सरकार राफेल विमान का मूल्य संसद में भी खुलासा नहीं करना चाहती, जिससे उसकी मंशा पर सन्देह पैदा होता है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी सरकार राष्ट्रीय हित एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने के माफ नहीं किए जाने वाले खेल में लगी है. भारतीय वायु सेना के लिए लड़ाकू विमान की खरीद में बड़े घोटाले की बू आ रही है.’

VIDEO: राहुल के सवाल

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आजाद ने कहा, ‘बड़ी आशंकाएं हैं तथा सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान होने की बात सार्वजनिक स्तर पर ज्ञात है तथा सरकार सत्य बताने से इंकार कर रही है.’ आजाद ने कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और पार्टी प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य राजीव गौड़ा की उपस्थिति वाले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समय आ गया है कि प्रधानमंत्री को राफेल सौदे पर कांग्रेस द्वारा उठाये गये सवालों का जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस सौदे पर सरकार ने पूर्ण एवं सोची समझी चुप्पी साध रखी है.


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