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राफेल मामले पर अब 5 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राफेल मामले पर सुनवाई की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, पांच मार्च को ही संविधान पीठ को अयोध्या मामले की सुनवाई भी करनी है. अगर ये सुनवाई टलती है तो राफेल पर सुनवाई होगी.

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राफेल मामले पर अब 5 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट

खास बातें

  1. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में राफेल की सुनवाई की उम्मीद
  2. पांच मार्च को ही संविधान पीठ को अयोध्या मामले की भी सुनवाई करनी है
  3. गर ये सुनवाई टलती है तो राफेल पर सुनवाई होगी
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राफेल मामले पर सुनवाई की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, पांच मार्च को ही संविधान पीठ को अयोध्या मामले की सुनवाई भी करनी है. अगर ये सुनवाई टलती है तो राफेल पर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट से फैसले को सही करने के लिए सरकार की याचिका पर सुनवाई की उम्मीद की जा रही है. वहीं, इसी दिन मामले पर पुनर्विचार याचिकाओं की भी सुनवाई होगी. दिसंबर में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार को राहत दी थी. सुप्रीम कोर्ट से सरकार ने बाद में सीएजी रिपोर्ट का उल्लेख करने वाले एक हिस्से पर निर्णय में सुधार की मांग की थी. प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी ने भी फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की हैं. केंद्र सरकार के अफसरों पर परजूरी का केस चलाने की याचिका भी दायर की गई है.

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बता दें कि बीते 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट राफेल मामले पर फिर से सुनवाई को तैयार हो गया था और कहा था कि ये सुनवाई खुली अदालत में होगी. सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की बेंच का फैसला है. राफेल मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. ये सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के चैंबर में हुई थी. पीठ में जस्टिस एसके कौल और जस्टिस के एम जोसेफ भी हैं. दरअसल, राफेल पर 14 दिसंबर के फैसले पर चार याचिकाएं दाखिल की गई थीं. पहली संशोधन याचिका केंद्र सरकार द्वारा दाखिल की थी, जिसमें कहा गया है कि कोर्ट फैसले में CAG रिपोर्ट संसद के सामने रखी गई की टिप्पणी को ठीक करे. 

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केंद्र का कहना है था कि कोर्ट ने सरकारी नोट की गलत व्याख्या की है. प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने पुनर्विचार याचिका में अदालत से राफेल आदेश की समीक्षा करने के लिए कहा था, जिसमें कहा गया कि सरकार ने राफेल जेट का अधिग्रहण करने के लिए निर्णय लेने की सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया है. AAP नेता संजय सिंह की याचिका भी लंबित है. प्रशांत भूषण की चौथी याचिका जो सरकार द्वारा गए नोट में अदालत को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है. इसमें लिखा गया कि CAG ने राफेल पर संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

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VIDEO: राफेल मामले की फिर सुनवाई को तैयार सुप्रीम कोर्ट



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