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गोरक्षा की बात करने वालों को राहुल बजाज की फटकार: 95 फीसदी नेताओं ने गायों के लिए कुछ नहीं किया

वरिष्ठ उद्योगपति राहुल बजाज ने गोरक्षा का राग अलापने वाले नेताओं को जमकर फटकार लगाई और कहा कि वैसे नेता जो गोरक्षा की के समर्थऩ की बात करते हैं, उनमें से 95 फीसदी ने गायों के लिए कुछ नहीं किया है.

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गोरक्षा की बात करने वालों को राहुल बजाज की फटकार: 95 फीसदी नेताओं ने गायों के लिए कुछ नहीं किया

वरिष्ठ उद्योगपति राहुल बजाज (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

वरिष्ठ उद्योगपति राहुल बजाज ने गोरक्षा का राग अलापने वाले नेताओं को जमकर फटकार लगाई और कहा कि वैसे नेता जो गोरक्षा की के समर्थऩ की बात करते हैं, उनमें से 95 फीसदी ने गायों के लिए कुछ नहीं किया है. सत्तारूढ़ पार्टियों पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ उद्योगपति राहुल बजाज ने मंगलवार को आरोप लगाया कि गौ-संरक्षण और इसके नाम पर भीड़ की हिंसा का समर्थन करने वाले किसी भी राजनेता ने इस पशु के लिए कुछ भी ठोस नहीं किया है.

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राहुल बजाज ने यह भी कहा कि सभी को इन राजनेताओं से पूछना चाहिए कि गायों की रक्षा के लिए उन्होंने क्या किया? बता दें कि अपनी दादी, जानकीदेवी बजाज की आत्मकथा 9(माई लाइफ्स जर्नी) के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन के दौरान राहुल बजाज ने यह बातें कहीं. 


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उन्होंने कहा कि कहा, "मेरे दादा (जमनालाल बजाज) एक कुटीर में रहते थे. खुद गायों की धुलाई करते थे, लेकिन आज हम गायों के लिए भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा को अंजाम दे रहे हैं. मैं किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लेना चाहता, जो गौ माता की बात करते हैं. लेकिन उनसे पूछिये कि उन्होंने, उनके माता-पिता ने या दादा-दादी ने गौ माता के लिए क्या किया है?' 

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उन्होंने कहा, "उनमें से 95 प्रतिशत लोगों ने कुछ नहीं किया है. जिन्होंने कुछ किया है, वे इसके बारे में बात नहीं करते हैं. यही एक राजनेता और वास्तविक कार्यकर्ता, गांधीवादी के बीच अंतर है." 

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अपने मन की बात कहने के लिए जाने जाने उद्योगपति बजाज की टिप्पणी केंद्र और अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकारों के गठन के बाद से भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा की बढ़ती वारदातों के बीच आई है. इन घटनाओं में कथित रूप से गो-मांस या भैंस से इतर अन्य मवेशियों के कारोबार का करने वाले दर्जनों मुसलमानों को भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डाला गया. 

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