बर्थडे स्पेशल : जब छह सप्ताह में देशभर में राहुल गांधी ने दिया था 125 रैलियों में भाषण

बर्थडे स्पेशल : जब छह सप्ताह में देशभर में राहुल गांधी ने दिया था 125 रैलियों में भाषण

फोटो साभार- (india.rahulgandhi द्वारा फेसबुक पर पोस्ट की गई तस्वीर)

नई दिल्ली:

राहुल गांधी आज अपना 46वां बर्थडे मना रहे हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और वर्तमान कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी की दो संतानों में राहुल बड़े हैं और प्रियंका गांधी वाड्रा उनकी छोटी बहन हैं। राहुल की दादी इंदिरा गांधी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री थीं।
 

छह सप्ताह में 125 रैलियों में भाषण
राहुल की राजनीतिक रणनीतियों में जमीनी स्तर की सक्रियता को बल देना, ग्रामीण भारत के साथ गहरे संबंध स्थापित करना और कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करने की कोशिश करना, प्रमुख हैं। राहुल को 2009 के आम चुनावों में कांग्रेस को मिली बड़ी जीत का श्रेय दिया गया है। गौरतलब है कि 2009 के लोकसभा चुनावों में, उन्होंने उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 3,33,000 वोटों क अंतर से पराजित करके अपना अमेठी निर्वाचक क्षेत्र बनाए रखा था। इन चुनावों में कांग्रेस ने कुल 80 लोकसभा सीटों में से 21 जीतकर उत्तर प्रदेश में खुद को पुनर्जीवित किया था और इस बदलाव का श्रेय राहुल गांधी को दिया गया। उस दौरान उन्होंने छह सप्ताह में देशभर में 125 रैलियों में भाषण दिया था।
 
आरजे के नाम से जाने जाते हैं राहुल
राहुल भारत के प्रसिद्ध गांधी-नेहरू परिवार से हैं। पार्टी वृत्त में वह आरजे (RG) के नाम से जाने जाते हैं। राहुल की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से हुई और इसके बाद वह प्रसिद्ध दून विद्यालय में पढ़ने चले गए, जहां से उनके पिता ने भी शिक्षा हासिल की थी। राहुल ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रोलिंस कॉलेज फ्लोरिडा से 1994 में अपनी कला स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद 1995 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल की उपाधि प्राप्त की।
 
2004 में किए राजनीति में प्रवेश
जनवरी 2004 में राहुल और उनकी बहन के संभावित राजनीति में प्रवेश के बारे में अटकलें बढ़ी थीं, जब उन्होंने अपने पिता के पूर्व निर्वाचन क्षेत्र अमेठी का दौरा किया था, जो उस समय उनकी मां के नेतृत्व में था। हालांकि उस वक्त उन्होंने एक निश्चित प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया था, यह कह कर कि 'मैं राजनीति के विरुद्ध नहीं हूं। मैंने यह तय नहीं किया है कि मैं राजनीति में कब प्रवेश करूंगा और वास्तव में, करूंगा भी कि नहीं। लेकिन, मार्च 2004 में, मई 2004 का चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ ही उन्होंने राजनीति में अपने प्रवेश की घोषणा की थी, जिसमें वह अपने पिता के पूर्व निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश के अमेठी से लोकसभा के लिए खड़े हुए थे, जो भारत की संसद का निचला सदन है। (इनपुट विकिपीडिया से)
 
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